मैं किसी की बुआ नहीं, सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन, नहीं तो अकेले लड़ेंगे चुनाव: मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही वह गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगी। वर्ना, अकेले अपने बलबूते चुनाव लड़ने का हमारा रुख कायम है।
दिल्ली से काफी समय बाद लखनऊ लौटीं मायावती ने रविवार को अपने नए आवास पर पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर दो टूक राय जाहिर की।
उन्होंने कहा, बसपा व विरोधी दलों की कोशिश है कि लोकसभा व कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में वापस आने से रोका जाए। गठबंधन करके चुनाव लड़ने पर हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ है।
बसपा किसी भी पार्टी के साथ किसी भी चुनाव में तभी कोई समझौता व गठबंधन करेगी जब उसे सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। अन्यथा बसपा अकेले ही चुनाव लड़ना बेहतर समझती है।
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मायावती ने सहारनपुर में जेल से छूटे चंद्रशेखर उर्फ रावण का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधा। कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में, कुछ अपने बचाव में और कुछ नौजवान दिखाने के लिए जबर्दस्ती मेरे साथ कभी भाई-बहन, बुआ-भतीजे का रिश्ता बताते रहते हैं।
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हमारी तरह लागू करो एससी-एसटी एक्ट
मायावती बोलीं- एससी-एसटी एक्ट को संविधान की भावना के अनुरूप लागू करने पर उसके दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। यदि राज्य सरकारें इस एक्ट का इस्तेमाल यूपी में बसपा शासनकाल की तरह करें तो किसी भी कीमत पर इसका दुरुपयोग नहीं हो सकता। जिस तरह भाजपा सरकार को देश के संवैधानिक नाम भारत के स्थान पर हिंदुस्तान कहने में कोई एतराज नहीं है, उसी तरह अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को दलित कहने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि दलित शब्द पर आपत्ति है तो हिंदुस्तान के बजाय केवल भारत कहने का सरकारी आदेश जारी करना चाहिए।