यूपी: बसपा ने छह दिसंबर के आयोजन की शुरू की तैयारी, वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आंबेडकर स्थल का किया निरीक्षण
बसपा ने यूपी चुनाव के पहले अपने शक्ति प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बसपा 6 दिसंबर को लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बड़े समारोह का आयोजन कर रही है जिसमें पार्टी सुप्रीमो मायावती भी शामिल होंगी।
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यूपी चुनाव के पहले बसपा ने अपने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। लखनऊ के डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर छह दिसंबर को डॉ. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन किया जा रहा है जिसकी तैयारियों के लिए पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा व प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए।
यूपी चुनाव से पहले बसपा छह दिसंबर को लखनऊ में अपनी ताकत दिखाएगी। समारोह में बसपा सुप्रीमो मायावती व प्रदेश भर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके पहले पार्टी मुख्यालय में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में मायावती ने आम चुनाव में बूथ स्तर तक तैयारी पूरी करने, अच्छे उम्मीदवारों के चयन व वोटों की एकजुटता बनाए रखने को कहा है।
#6_दिसंबर_चलो_लखनऊ आज दिनांक 06-11-2026 को आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के निर्देशानुसार पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, गोमतीनगर, लखनऊ पहुंचकर आगामी 6 दिसंबर को परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) के अवसर पर आयोजित होने वाले विशाल श्रद्धा-सुमन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया तथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। #जयभीम #BSP #मिशन_2027 #Lucknow
— Vishwanath Pal (@PalVishwnathbsp) November 6, 2026
उन्होंने कहा, सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करके ही प्रदेश में 5वीं बार बसपा की सरकार बना सकेंगे। कहा, बाहुबल व धनबल, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से बसपा के वोटों को प्रभावित करने का खेल लंबे समय से चल रहा है। बहुजन समाज की एकजुटता व जागरूकता के बाद भी ईवीएम को हथियार बनाकर स्वतंत्र व निष्पक्ष वोटिंग को प्रभावित करने का सबसे पहले बसपा ने ही किया था। उस समय विरोधी पार्टियों को यह अच्छा नहीं लगा, पर आज देश की अधिकतर जनता ईवीएम को स्वतंत्र व निष्पक्ष न मानकर बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि चुनावी धांधली के मामले में कांग्रेस का दामन भी दागदार रहा है। बहुजन समाज के लोगों का हित व कल्याण नकारने में कांग्रेस व सपा सबसे बड़ी दोषी है। भाजपा सरकार भी इसमें पीछे नहीं है।