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बहुत हाथ-पैर मारा, अब अपने का सहारा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 07 Feb 2014 11:34 AM IST
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बसपा ने पिछले दिनों लोकसभा की एक सीट पर घोषित मुस्लिम प्रत्याशी को अचानक पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में निष्कासित कर दिया था।
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निष्कासित नेता ने पहले ‘आप’ की ओर जुगाड़ लगाया, फिर हाथ की ओर हाथ बढ़ाया। मगर साफ भरोसा न मिलने की वजह से वे पुराने घर के भी शुभचिंतकों से तार जोड़े रहे।
इस बीच उनकी सीट से दूसरे बड़े मुस्लिम नेता की उम्मीदवारी घोषित हो गई। नए प्रत्याशी अपना तामझाम फैलाने में जुटे हैं लेकिन काफी बेचैन नजर आ रहे हैं।
वजह, किसी ने उन्हें बता दिया है कि जिनका टिकट काटकर उन्हें लाया गया है, पार्टी के एक दिग्गज के घर उनकी बैठकी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है।
समर्थक यह कहते घूम रहे हैं कि चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, टिकट फिर से मिल जाएगा। रही-सही कसर हाल में स्थानीय स्तर पर निष्कासित प्रत्याशी के समर्थकों के विरोध ने पूरी कर दी।
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अब प्रचार कर रहे प्रत्याशी काफी परेशान हैं। वह समझ नहीं पा रहे कि उनके साथ क्या हो रहा है?
पार्टी के लोगों से बात करते हैं तो वे निष्कासित प्रत्याशी की पार्टी में वापसी से साफ इन्कार करते हैं लेकिन क्षेत्र में जाते हैं तो इसके उलट बातें सुनने को मिलती हैं। - दर्शक
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