मंगल ग्रह पर जीवन तलाशने जाएंगे लखनऊ के वैज्ञानिक
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मंगल अभियान चंद्रयान-1 की सफलता के बाद अमेरिकी वैज्ञानिक संस्था नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रशन (नासा) भारतीय वैज्ञानिकों को गंभीरता से ले रही है।
अब चंद्रयान-2 से पहले नासा के वैज्ञानिक 2016 के मध्य में भारत में अपनी एक स्टडी करेंगे। यह स्टडी लखनऊ स्थित बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोबॉटनी (बीएसआईपी) और मार्स सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों के साथ लद्दाख में की जाएगी।
मंगल पर जीवन की तलाश से जुड़े इस अभियान में नासा के वैज्ञानिक जून 2016 में यहां पहुंच सकते हैं। टीम से जुड़े एक वैज्ञानिक ने बताया कि लद्दाख की कठिन परिस्थितियों में जीवन की उत्पत्ति के लिए प्रयोग होने हैं।
इसके लिए अभी से हमारी टीम ने प्री-कॉन्फ्रेंस और जरूरी प्रयोग शुरू कर दिए हैं। इस टीम में बीएसआईपी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकुंद शर्मा, डॉ. आरिफ हुसैन अंसारी, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. विनीता फरतियाल को शामिल किया गया है।
नेशनल ज्योग्राफिक चैनल बनाएगा डॉक्यूमेंट्री
डॉ. शर्मा ने बताया कि यह स्पेसवार्ड बाउंड इंडिया कार्यक्रम मंगल अभियान का हिस्सा होगा। इसमें हम उच्चतम सैलाइन परिस्थिति, उच्चतम तापमान, उच्चतम ठंड, ग्लेशियर जैसे हालात में जीवन की संभावना को देखेंगे। नासा के वैज्ञानिक भी अपने साथ कई उपकरण लेकर आएंगे। इससे लद्दाख में वह अपने प्रयोग कर सकें।
नेशनल ज्योग्राफिक चैनल इस पूरी कवायद की एक डॉक्यूमेंट्री बनाएगा। इसमें पूरे प्रयोग और इससे निकलने वाले परिणाम को रिकॉर्ड किया जाएगा। चैनल की अपनी साइंस टीम भी पूरे प्रयोग के दौरान लद्दाख में मौजूद रहेगी।