फर्जी स्कूल में तो नहीं पढ़ रहा आपका बच्चा?
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राजधानी में चल रहे फर्जी स्कूलों पर लगाम कसने और परिषदीय स्कूलों में दाखिले बढ़ाने के लिए नई पहल की जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक अभिभावकों के पास जाकर उनसे सवाल पूछेगा कि कहीं उनका बच्चा फर्जी स्कूल में तो नहीं पढ़ रहा है।
इस संबंध में पोस्टर और पर्चे छपवाए गए हैं। कोशिश है कि अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में फर्जी स्कूलों पर पूरी तरह से ताला पड़ जाए और परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ सके।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी के अनुसार राजधानी में काफी संख्या में फर्जी स्कूल चल रहे हैं।
जानकारी न होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में करा देते हैं। फर्जी स्कूल में नामांकन होने के कारण परिषदीय स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंच पाते हैं।
चलेगा जागरूकता अभियान
इसलिए स्कूल चलो अभियान के साथ-साथ नए सत्र में पोस्टर और पर्चों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।
जिससे वे अपने बच्चों का दाखिला फर्जी स्कूल में न कराएं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों के दाखिले के लिए जिला अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक गुरुवार को होगी।
बैठक में परिषदीय स्कूल विहीन 34 वार्ड के निजी स्कूलों को भी बुलाया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को निशुल्क दाखिला होना है।
अभी तक राजधानी में केवल चार बच्चों को ही निजी स्कूल में निशुल्क दाखिला मिल पाया है।