{"_id":"601f661e8ebc3e4a8b6d722e","slug":"bring-fast-in-the-works-of-delhi-ghaziabad-meerut-corridor-yogi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के कार्यों में लाएं तेजी : योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के कार्यों में लाएं तेजी : योगी
Sun, 07 Feb 2021 09:31 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 07 Feb 2021 09:31 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के अंतर्गत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिससे जनता का इस सुविधा का लाभ जल्द मिल सके। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए आवास एवं शहरी नियोजन, सिंचाई, राजस्व, परिवहन, औद्योगिक विकास आदि विभागों में समन्वय बढ़ाने को कहा है। वह शनिवार शाम अपने सरकारी आवास पर आरआरटीएस परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरआरटीएस रेल सेवा तेज गति के साथ आरामदायक व सुरक्षित होगी। यह ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगी। साथ ही ऊर्जा उपभोग और प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होगी। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सीएम को बताया कि 82.15 किमी. लंबी इस परियोजना पर 30,274 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के अंतर्गत मेरठ में मेट्रो सेवाओं का संचालन किया जाएगा। गाजियाबाद में मल्टीमोडल एकीकरण संबंधी कार्यवाही की जा रही है।
नई तकनीक को सकारात्मक नजरिये से अपनाएं
मुख्यमंत्री ने शनिवार को सड़क निर्माण की फुल डेप्थ रिक्लेमेशन तकनीक संबंधी प्रस्तुतीकरण देखा। इसे अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह तकनीक टिकाऊ, मजबूत, किफायती और पर्यावरण अनुकूल है।
विज्ञापन
इसमें पुरानी सड़क के संपूर्ण क्रस्ट का दोबारा इस्तेमाल हो जाता है और स्टोन एग्रीगेट की जरूरत नहीं पड़ती है। इस तकनीक से सड़क का निर्माण बहुत तेजी से होता है और मरम्मत में खर्च भी कम आता है। प्रस्तुतीकरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आईआईटी चेन्नई व आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने भी इस तकनीक के बारे में विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इस तकनीक का अध्ययन कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आरआरटीएस रेल सेवा तेज गति के साथ आरामदायक व सुरक्षित होगी। यह ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगी। साथ ही ऊर्जा उपभोग और प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होगी। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सीएम को बताया कि 82.15 किमी. लंबी इस परियोजना पर 30,274 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के अंतर्गत मेरठ में मेट्रो सेवाओं का संचालन किया जाएगा। गाजियाबाद में मल्टीमोडल एकीकरण संबंधी कार्यवाही की जा रही है।
विज्ञापन
नई तकनीक को सकारात्मक नजरिये से अपनाएं
मुख्यमंत्री ने शनिवार को सड़क निर्माण की फुल डेप्थ रिक्लेमेशन तकनीक संबंधी प्रस्तुतीकरण देखा। इसे अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह तकनीक टिकाऊ, मजबूत, किफायती और पर्यावरण अनुकूल है।
विज्ञापन
इसमें पुरानी सड़क के संपूर्ण क्रस्ट का दोबारा इस्तेमाल हो जाता है और स्टोन एग्रीगेट की जरूरत नहीं पड़ती है। इस तकनीक से सड़क का निर्माण बहुत तेजी से होता है और मरम्मत में खर्च भी कम आता है। प्रस्तुतीकरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आईआईटी चेन्नई व आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने भी इस तकनीक के बारे में विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इस तकनीक का अध्ययन कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।