बृजभूषण शरण ने कहा: कुश्ती में बदली पॉलिसी की वजह से हो रहा था मेरा विरोध, सात महीने से था खामोश
पिछले कुछ समय से विवादों में रहे कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि मैं सात महीने से बिल्कुल खामोश था।
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नवाबगंज के नंदनीनगर स्टेडियम में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हाईस्कूल व इंटरमीडियट के टॉप 20 मेधावियों सहित जिले की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस मौके पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बारे में सात माह से बहुत कुछ कहा जा रहा है और मैं अपना काम कर रहा हूं। मैं बिल्कुल खामोश था। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि कुश्ती में तय की गई पॉलिसी को लेकर ये संघर्ष चल रहा है। उस समय शायद मेरी बात सही नहीं लग रही थी। इस पॉलिसी जो लोग प्रभावित थे वह खिलाड़ी धरने पे बैठे थे। वो लोग कोर्ट तक जा रहे हैं। अब आसानी से समझ सकते हैं कि उनकी असली पीड़ा क्या थी। आज वो देश के सामने आ गया है।
सांसद नज्ञानवापी मस्जिद पर आए अदालत के फैसले को लेकर संतुष्ट नजर आए। उन्होंने एएसआई से सर्वे कराने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही मणिपुर की घटना को दुखद बताया। इंडिया गठबंधन पर भी सांसद ने टिप्पणी करते हुऐ कहा की गठबंधन की विचारधारा एक नहीं है। सत्ताधारियों के राज्यों में इनके मुद्दे टकराएंगे। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी की विचारधारा का भी टकराव होगा।
इस प्रतिभा सम्मान समारोह में नीट की परीक्षा में सफलता पाने वाले कस्बे के गौरव कनौजिया के साथ कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसान डॉक्टर अवनीश सिंह, शिवकुमार मौर्य, राजेश तिवारी, वीरेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह,कमल किशोर दीक्षित,जगदम्बा निषाद इंद्रजीत सिंह को भी सम्मानित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह मंजू, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमित भूषण सिंह आदि मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अयोध्या से आए संत जगद्गुरु दिनेशाचार्य तथा महंथ बलराम दास रहे।