फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   brick for ram mandir reaches to ayodhya

राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रकों में भरकर अयोध्या पहुंचे पत्थर

Tue, 20 Jun 2017 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 20 Jun 2017 11:41 AM IST
विज्ञापन
brick for ram mandir reaches to ayodhya
राम मंद‌िर के ल‌िए अयोध्या पहुंचे पत्थर
विश्व हिन्दू परिषद राम मंदिर निर्माण की मुहिम को धार देने की तैयारी में जुट गई है। मंदिर निर्माण के लिए रामनगरी अयोध्या में राजस्थान के वंशी पहाड़ से पत्थरों की खेप का आगमन शुरू हो चुका है। सोमवार को रामसेवकपुरम् की कार्यशाला में पहुंचे दो ट्रक पत्थरों की खेप ने राम मंदिर निर्माण मामले को लेकर हलचल मचा दी है। 
विज्ञापन


बीते साल पत्थरों की खेप आने पर हंगामा मचा था, तब सपा सरकार ने वाणिज्य कर विभाग को पत्थर लाने की अनुमति देने से मना कर दिया था। मगर अब विभाग से फार्म मिलने के बाद पत्थरों की आपूर्ति पुन: शुरू की गई है।  
विज्ञापन


प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही रामनगरी में पत्थरों की खेप का आगमन भी शुरू हो चुका है, तो वहीं विश्व हिंदू परिषद भी इसको लेकर उत्साहित नजर आ रहा है। श्री रामजन्मभूमि न्यास की ओर से बाबरी मस्जिद/रामजन्मभूमि विवाद कोर्ट में होने के बावजूद राम मंदिर निर्माण की कवायद 1990 से चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए पत्थरों को राजस्थान के वंशी पहाड़ से लाया जाता रहा है। दो ट्रकों में कुल 130 टन पत्थर सोमवार की सुबह लगभग 6.15 बजे अयोध्या लाया गया। अहमदाबाद-आगरा ट्रांसपोर्ट से ट्रकों के माध्यम से ये पत्थर अयोध्या पहुंचाये गए हैं। 
 

डेढ़ दशक से चल रहा है पत्थर तराशी का काम 

brick for ram mandir reaches to ayodhya
श‌िला पूजन करते लोग
कारसेवकपुरम् अयोध्या की कार्यशाला में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशी का काम डेढ़ दशक से चल रहा है। सितंबर 1990 से ही रामनगरी में पत्थर आते रहे हैं लेकिन अखिलेश सरकार ने विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद भी फार्र्म 32 पर रोक लगा दी थी जिससे पत्थरों का आगमन रुक गया था। प्रदेश में अब भाजपा की सरकार बनते ही पुन: पत्थरों की आपूर्ति होनी शुरू हो गई है। 

पिछले वर्ष सितंबर में सपा सरकार में भी पत्थरों की खेप अयोध्या पहुंची थी जिसका शिलापूजन किया गया था। मगर मामला तूल पकड़ा तो सरकार ने पत्थरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अयोध्या के साधु संतों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही मंदिर बनेगा। 

इसी के साथ ही न्यास कार्यशाला में पत्थर तरास रहे कारीगरों का हाथ तेज हो रहा है और परिसर ठक-ठक की आवाज से गूंज रहा है।

रामसेवकपुरम् में दो ट्रकों में पत्थर वैधानिक तरीके से वाणिज्य कर विभाग से प्रक्रिया पूरी करके लाया गया है। इस पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी। डीएम ने वाणिज्य कर अफसरों से इस बाबत बुलाकर बात की तो, पत्थर लाने की प्रक्रिया को नियमानुसार बताया गया है।
-मनोज मिश्र, मंडलायुक्त

पत्थरों का आना स्वाभाविक प्रक्रिया है। जब मंदिर बनेगा तो पत्थर आयेंगे ही। पिछली सरकार ने वर्ग विशेष को तुष्ट करने के लिए पत्थरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। जबकि पिछली सरकार के मुखिया के पिता व बुआ की सरकार ने कभी रोक नहीं लगायी, लेकिन पुत्र ने रोक लगा दी। जिसका परिणाम रहा कि राम कार्य में रोक लगाने वाले आज सत्ता से गायब हैं। पत्थरों का आगमन स्वागत योग्य है।
-शरद शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी विहिप 

पत्थर लाकर राजनीति चमकाना इनका धंधा है, हमारे इलाके में पत्थर लेकर आएं तो बताऊंगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी तो आवाज उठाऊंगा। पत्थर आने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। 
-हाजी महबूब, पक्षकार बाबरी मस्जिद 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed