दांत से काटकर अपराधियों को भागने पर मजबूर कर दिया इस लड़की ने
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यह कहानी है बहादुर बिटिया अंशिका पांडेय की। जिसने अपनी हिम्मत से, हौसले से और सूझबूझ से अपहरणकर्ता के पसीने छुड़ा दिए। न वह चाकू के हमले से घबराई, न चेहरे पर तेजाब फेंकने की कोशिश से। उसका साहस देख आखिरकार बदमाश को भागना पड़ा।
वाकया मड़ियांव के भरतनगर इलाके का है। 15 साल की अंशिका हाईस्कूल की छात्रा है। रामराम बैंक चौराहा के पास स्थित स्कूल सेंट एंटोनी इंटर कॉलेज में पढ़ती है।
सोमवार सुबह करीब सात बजे वह साइकिल से स्कूल के लिए घर से निकली। घर से महज कुछ कदमों के फासले पर सुनसान गली में कार रुकी। गेट खोलकर कार में बैठे बदमाश ने उससे पता पूछा। वह पता बता ही रही थी कि बदमाश ने उसका बाल पकड़ा और कार के अंदर खींच लिया। मुंह दबाने की कोशिश की।
दांत काटा, हाथ-पैर चलाए...और भागने को कर दिया मजबूर
खतरा भांप चुकी अंशिका ने बदमाश के हाथों में दांत काटा। बिलबिलाए अपहरणकर्ता ने उस पर तेजाब डालने की कोशिश की। पर अंशिका ने हाथ-पैर चलाए। नतीजतन शीशी गिर गई। बदमाश ने उसके चेहरे पर चाकू से वार किया तो अंशिका ने अपनी दायीं हथेली पर उस वार को रोक लिया।
वह लहूलुहान हो गई। संयोग से इसी बीच अंशिका की सहेली गरिमा वहां पहुंच गई। संयोग इसलिए कि गरिमा को उसनेे दुर्गा मंदिर बुलाया था। यहां से वे साथ स्कूल जातीं। वह दुर्गा मंदिर नहीं पहुंची तो गरिमा उसके घर की ओर चल दी। इस बीच, उसने अंशिका को देखा तो शोर मचाने लगी। घबराए बदमाश ने अंशिका को बाहर धक्का दिया और कार ने फर्राटा भर दिया।
अंशिका और गरिमा की सोमवार को मॉरल साइंस की परीक्षा थी। लेकिन बदमाश से भिड़ंत के दौरान अंशिका बुरी तरह से लहूलुहान हो गई। बदमाशों के भागने के बाद अंशिका ने गरिमा से स्कूल जाने को कहा, लेकिन वह खून से लथपथ सहेली को छोड़कर जाने को तैयार नहीं हुई। गरिमा किसी तरह उसे घर तक ले गई। तब तक इतना वक्त बीत चुका था कि उसकी भी परीक्षा छूट गई।
सफेद शर्ट-काली पैंट पहने था बदमाश, नहीं जानता था हिंदी
हाईस्कूल की छात्रा 15 वर्षीय अंशिका पांडेय ने हिम्मत और सूझबूझ से जिस तरह कार सवार अपहरणकर्ता के पसीने छुड़ाए वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अंशिका ने बताया कि वह भगवती गेस्ट हाउस से पेप्सी गोदाम के बीच से मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पर मुड़ी तो दुर्गा मंदिर के पास कार उसकी तरफ मुंह किए खड़ी थी।
कार में ड्राइवर व करीब 50 वर्षीय एक बदमाश था। ड्राइवर ने उससे योगिता मांटेसरी स्कूल का पता पूछा। यह स्कूल अंशिका के घर के ठीक बगल में है। अंशिका पता बताने लगी तो ड्राइवर ने पीछे बैठे व्यक्ति को पता बताने को कहा।
पीछे बैठे बदमाश ने अंशिका के बाल पकड़कर उसे कार में खींच लिया। अंशिका का कहना है कि बदमाश का रंग काला था और वह दक्षिण भारतीय लग रहा था। उसने सफेद रंग की हाफ शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी। माथे पर सफेद चंदन का टीका लगा हुआ था और वह साफ हिंदी नहीं बोल पा रहा था।
दिवाली साथ नहीं मना पाओगे
बदमाश ने भागते हुए अंशिका को धमकी भी दी। उसने कहा दिवाली सब लोग मिलकर नहीं मना पाओगे। पुलिस बदमाशों के इन शब्दों को किसी पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है। अंशिका के पिता और परिवार के सदस्यों से पुराने विवादों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पिता के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और ठेकेदारी के विरोधियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
अंशिका भरतनगर निवासी बसपा नेता व बीकेटी के असनहा से क्षेत्र पंचायत सदस्य शशि पांडेय के पांच बच्चों में सबसे छोटी है। दो बेटी ज्योत्सना और कल्पना की शादी हो चुकी है।
पांडेय मड़ियांव इलाके के विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) हैं और जिला पंचायत में ठेकेदारी भी करते हैं। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक किसी ने चुनावी रंजिश या ठेकेदारी में डराने की नियत से यह हरकत की होगी।
वहीं,अंशिका ने बताया कि दो महीना पहले भी स्कूल जाते वक्त एक आल्टो कार से उसे कुचलने की कोशिश की गई थी। शशि पांडेय ने कहा कि कोई बेटी या परिवार को नुकसान पहुंचाना चाहता है।
अंशिका ने बताया कि सिल्वर कलर की कार क्वालिस या टवेरा जैसी थी और नंबर प्लेट पर काला रंग पुता हुआ था। कार की पहचान करने के लिए पुलिस गली तक पहुंचने वाले सभी रास्तों और सीतापुर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही हैं।