{"_id":"f731a8b42cf8461a49ddbd30366e45e6","slug":"book-on-shehnaz-hussain-released-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटी की कलम से निकला शहनाज का संघर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटी की कलम से निकला शहनाज का संघर्ष
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
Updated Sun, 22 Sep 2013 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूटीशियन शहनाज हुसैन के जीवन संघर्षों को उजागर करती पुस्तक ‘फ्लेम’ का विमोचन शनिवार को एक होटल में किया गया।
विज्ञापन
इस पुस्तक की लेखिका उनकी बेटी नीलोफर हैं।
लेखिका ने बताया कि मां के व्यक्तित्व व उनकी उपलब्धियों पर तमाम किताबें लिखी जा चुकी हैं, लेकिन यह अपनी तरह की इकलौती किताब है जो मां के संघर्षों को सबसे बेहतर तरीके से पेश करती है।
नीलोफर ने बताया कि 16 साल की उम्र में मां की शादी हो गई थी। उस वक्त मां ने दकियानूसी बातों को दरकिनार कर एक मुकम्मल जहां हासिल किया।
दुनियाभर में छह सौ से ज्यादा शहनाज हुसैन के सैलून हैं। जबकि भारत में इनकी संख्या करीब दो सौ है। उन्होंने बताया कि अगली किताब एक प्रेम कथा है, जिसका काफी हिस्सा लिखा जा चुका है।
विज्ञापन
काफी समय बाद लखनऊ आईं नीलोफर कहती हैं कि शहर में आज भी वही अदब और नजाकत है।