लखनऊ में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए चलेंगी नावें!
गोमती नदी में कुड़ियाघाट से लक्ष्मण मेला मैदान तक विशेष नाव कैटामारन फेरीज चलाई जाएगी। सीएम अखिलेश यादव ने इसे हरी झंडी दे दी है। यह काम छह महीने में पूरा करने को कहा गया है। इससे लोगों को नया विकल्प मिलेगा और ट्रैफिक पर दबाव भी कम होगा।
एमिटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ अर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विभाग के छात्रों ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा को तैयार किया था। 29 सितंबर को सीएम के समक्ष इस प्रोजेक्ट को छात्रों ने सीएम के समक्ष पेश किया गया। इस पर सीएम ने कुछ बदलाव के सुझाव दिए थे।
जिसे पूरा कर शनिवार को फिर छात्रों ने पेश किया। इस दौरान मुख्य सचिव सिंचाई दीपक सिंहल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री प्रांजल यादव, मुख्य अभियंता सिचाई आरके शर्मा और गोमती नदी के विकास कार्यों को देख रही गैमन इंडिया कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने इस प्रोजेक्ट की सराहना की। इसके बाद सीएम ने इसे हरी झंडी दे दी।
पांच गुना तक कम देना होगा किराया
सीएम कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार लखनऊ में सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को उन शहरों में भी लागू किया जाएगा जहां नदियां हैं। सीएम ने इस प्रोजेक्ट को बुंदेलखंड में भी लागू किए जाने में रुझान दिखाया है।
प्रोजेक्ट पर बातचीत में छात्र समीर ने बताया कि शहर के आठ पुलों के पास डाकयार्ड और नाव के संचालन की व्यवस्था की जा सकती है। जिन कैटामारन फेरीज को चलाया जाना है उनकी खासियत है कि वे दो फीट पानी में भी चल सकती हैं।
गोमती नगर से चौक तक की दूरी की बात करें तो वर्तमान में लोगों को 25 से 50 रुपये किराया देना होता है, लेकिन नाव चलने से मात्र 7 से 9 रुपये खर्च आएगा। विश्वविद्यालय के दल में प्रति कुलपति मेजर जनरल केके ओहरी, एमिटी बिजनेस स्कूल के निदेशक प्रो. वीपी शाही, आशुतोष चौबे और एमिटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की समन्वयक दीप्ति पांडेय राणा भी शामिल थीं।