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IIPM की धोखाधड़ी पर चला चाबुक, लौटानी होगी फीस

Thu, 03 Apr 2014 10:33 AM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 Apr 2014 10:33 AM IST
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bluff on iipm

उपभोक्ता फोरम ने बिजनेस स्कूल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आईआईपीएम) को छात्रा के साथ फ्रॉड करने का दोषी पाया है।

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संस्थान ने पहले छात्रा को लखनऊ कैंपस में एडमिशन दिया। फीस जमा होने के बाद छात्रा को दिल्ली कैंपस में पढ़ाई करने का दबाव डाला गया। फोरम ने आईआईपीएम को एक लाख रुपए फीस रिफंड के साथ हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है।

जिला उपभोक्ता फोरम प्रथम में सना गुलजार पुत्री जहीरूल हसनैन निवासी जाजमऊ कानपुर ने शिकायत की थी कि आईआईपीएम के अशोक मार्ग स्थित कैं पस में उसे एडमिशन दिया गया था।
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एमबीए एंट्रेंस टेस्ट में पास होने के बाद छात्रा से फीस के लिए एक लाख रुपए जमा कराए गए। बाकी फीस के लिए एजूकेशन लोन दिलाने की जिम्मेदारी भी संस्थान ने ली।
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इसके बाद संस्थान ने एजूकेशन लोन दिलाने में कोई मदद नहीं की। वहीं छात्रा को बताया गया कि लखनऊ की जगह दिल्ली में कक्षाएं चलाई जाएंगीं। इस पर छात्रा ने अपनी फीस वापस करने की मांग की।

इसके बाद संस्थान के अधिकारियों ने लोन दिलाए जाने का आश्वासन फिर दिया और कहा कि पढ़ाई तो दिल्ली में ही होगी। छात्रा की शिकायत थी कि अगर उसे संस्थान ने सही बात बताई होती तो वह लखनऊ के किसी दूसरे संस्थान में प्रवेश ले सकती थी।

वहीं उसका भविष्य भी आईआईपीएम की वजह से बर्बाद नहीं होता। फोरम ने माना कि छात्रा को पहले लखनऊ में ही पढ़ाई कराने का आदेश दिया था। इसके बाद उसे कोर्स के लिए दिल्ली जाने के लिए बोला गया।

यह छात्रा के लिए संभव नहीं था। ऐसे में उसकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई। वहीं फीस वापसी की बात पर संस्थान के अधिकारियों ने उसे प्रताड़ित भी किया।

फोरम के अध्यक्ष विजय वर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि लखनऊ में प्रवेश देने के बाद दिल्ली में पढ़ाई के लिए छात्रा को विवश करना सही नहीं है। यह विपक्षीगण द्वारा सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रक्रिया का प्रतीक है।


ऐसे में छात्रा अपनी फीस वापस पाने की अधिकारी है। ऐसे में संस्थान को एक लाख रुपए फीस मय 9 प्रतिशत ब्याज के वापस करना होगा। वहीं क्षतिपूर्ति केलिए 5,000 रुपए और विधिक व्यय के लिए 2,000 रुपए अदा करने होंगे।

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