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मानसूनी बारिस का सिलसिला जारी
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बहराइच। दो माह इंतजार के बाद शुक्रवार देर रात मानसून ने तराई में दस्तक दी थी। रविवार को भी झमाझम बारिश हुई।
जंगली इलाकों में बारिश होने से बाजारों व कस्बों में जलभराव हो गया है। जबकि शहरी इलाकों में बूंदाबांदी होने के कारण उमस बढ़ने से लोग बेहाल दिखे।
हालांकि वर्षा से लोगों को काफी राहत भी मिली है। किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है।
तराई में मानसून ने 20 दिन देरी से दस्तक दी है। अमूमन 15 जून तक हर वर्ष मानसूनी वर्षा शुरू हो जाती थी। मगर इस वर्ष मानसून ने काफी इंतजार कराया।
इंतजार के बीच शुक्रवार को भारी बारिश शुरू हो गई। गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत का एहसास हुआ था। शनिवार को बरसात नहीं हुई।
मगर रविवार सुबह तेज धूप निकली। इसके बाद आसमान में बादल छा गए। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल दिखे। दोपहर तीन बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई।
जो रुक-रुककर करीब 20 मिनट तक जारी रही। मगर उमस से कोई राहत नहीं मिली। जंगल से सटे उर्रा और मिहींपुरवा बाजारों में बरसात से किसानों को राहत मिली है।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी दो दिन तक इसी तरह वर्षा जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
वर्षा शुरू होने के साथ ही किसानों ने धान नर्सरी की रोपाई शुरू कर दी है। देर से आए मानसून के कारण किसानों में फसल पिछड़ने की आशंका जरूर बनी हुई है।
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जंगली इलाकों में बारिश होने से बाजारों व कस्बों में जलभराव हो गया है। जबकि शहरी इलाकों में बूंदाबांदी होने के कारण उमस बढ़ने से लोग बेहाल दिखे।
हालांकि वर्षा से लोगों को काफी राहत भी मिली है। किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है।
तराई में मानसून ने 20 दिन देरी से दस्तक दी है। अमूमन 15 जून तक हर वर्ष मानसूनी वर्षा शुरू हो जाती थी। मगर इस वर्ष मानसून ने काफी इंतजार कराया।
इंतजार के बीच शुक्रवार को भारी बारिश शुरू हो गई। गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत का एहसास हुआ था। शनिवार को बरसात नहीं हुई।
मगर रविवार सुबह तेज धूप निकली। इसके बाद आसमान में बादल छा गए। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल दिखे। दोपहर तीन बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई।
जो रुक-रुककर करीब 20 मिनट तक जारी रही। मगर उमस से कोई राहत नहीं मिली। जंगल से सटे उर्रा और मिहींपुरवा बाजारों में बरसात से किसानों को राहत मिली है।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी दो दिन तक इसी तरह वर्षा जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
वर्षा शुरू होने के साथ ही किसानों ने धान नर्सरी की रोपाई शुरू कर दी है। देर से आए मानसून के कारण किसानों में फसल पिछड़ने की आशंका जरूर बनी हुई है।