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UP: 22 साल से महिला को पेशाब के रास्ते में थी रुकावट, ऐसे मिली दर्द से राहत, यूरिन पर नियंत्रण खोने का था खतरा

Sat, 24 May 2025 10:04 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 24 May 2025 10:04 AM IST
सार

लखनऊ की एक महिला को 22 साल से पेशाब के रास्ते में रुकावट थी। डॉक्टरों ने सर्जरी करके उसे दर्द से राहत दिलाई। महिला को इस समस्या से यूरिन पर नियंत्रण खोने का खतरा बना था। 

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blockage in urinary tract of women for 22 years In Lucknow doctors gave relief from the pain
आपरेशन करते चिकित्सक। (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर स्थित निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने सर्जरी करके 52 वर्षीय महिला को दर्द से राहत दिलाने में सफलता हासिल की है। उन्हें 22 साल पहले प्रसव के बाद पेशाब करने में दर्द की समस्या शुरू हुई थी। इससे एक बार पेशाब करने में 30 मिनट तक समय लग जाता था।

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सर्जरी करने वाले डॉ. राहुल यादव ने बताया कि महिला लंबे समय तक इसे संक्रमण समझती रहीं। अन्य अस्पतालों में जांच करने पर पेशाब के रास्ते में रुकावट का पता चला। इलाज से राहत न मिलने पर डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी। लेकिन, इसमें पेशाब पर नियंत्रण खोने का खतरा था। मामले की जटिलता को देखते हुए मल्टी-लेयर तकनीक जैसी एडवांस तकनीक से इलाज का फैसला लिया गया। 
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इसे 'वेंट्रल बक्कल ग्राफ्ट यूरेथ्रोप्लास्टी विद मार्टियस इंटरपोजीशन फ्लैप' कहा जाता है। इसमें मरीज़ के खाल की अंदरुनी त्वचा से ग्राफ्ट लेकर नई मूत्रनली बनाई गई। ग्राफ्ट वाले हिस्से को भरने और जल्द ठीक होने में मदद के लिए वेस्कुलराइज्ड फैट पैड (रक्त संचार वाली चर्बी) लगाई गई। सर्जरी सफल रही और एक सप्ताह में महिला को छुट्टी दे दी गई।

0.1 से एक फीसदी महिलाओं में खतरा

डॉ. यादव ने यह भी बताया कि महिलाओं में पूरी मूत्रनली बंद हो जाना जटिल और दुर्लभ स्थिति है। यह समस्या 0.1 से एक फीसदी महिलाओं में पाई जाती है। आमतौर पर इसे यूरिन इन्फेक्शन या ओवरएक्टिव ब्लैडर समझ लिया जाता है। डिलीवरी के दौरान हुए ट्रॉमा, किसी असफल सर्जरी में लगी चोट, गर्भाशय क्षेत्र में संक्रमण और कभी-कभी माहवारी समाप्त होने के बाद शरीर में होने वाले बदलाव से यह समस्या हो सकती है।

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