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दृष्टिबाधित शिक्षक जाचेंगे यूपी बोर्ड की कॉपियां!
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 27 Apr 2017 03:11 PM IST
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परीक्षा कार्यालय में पड़े परीक्षकों के नियुक्ति पत्र
- फोटो : amar ujala
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पहले ही बोर्ड की खामी व बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई है। गुरुवार से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य में बोर्ड ने लापरवाही की हद पार करते हुए चार दृष्टिबाधित शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है।
यही नहीं कई शिक्षकों को अयोग्य विषयों की कॉपियां जांचने में लगा दिया है। बोर्ड के साथ वित्तविहीन स्कूल भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बुधवार तक 350 विद्यालयों ने परीक्षकों के नियुक्ति पत्र नहीं उठाए।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार से चार केंद्रों पर शुरू हो रहा है। बोर्ड ने परीक्षकों की नियुक्ति में जमकर गड़बड़ी की है। जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाता ही नहीं उसे उस विषय की कॉपी जांचने के लिए नियुक्त कर दिया गया है।
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यही नहीं बोर्ड ने चार दृष्टिबाधित शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र भेज दिए हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा में दृष्टिबाधित छात्र बैठते हैं, लेकिन उनकी कॉपी लिखने के लिए राइटर मुहैया कराए जाने की व्यवस्था है। कॉपी नॉर्मल शिक्षकों द्वारा ही जंचवाई जाती है।
इसके अलावा मोहान रोड स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता सिंह ने बताया कि उनकी यहां की एक शिक्षिका का स्थानांतरण हो चुका है, बोर्ड ने उनका भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है।
तीन शिक्षिकाओं को उन विषयों की कॉपियां जांचने का नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, जिसे वे पढ़ाती ही नहीं हैं। बोर्ड की लापरवाही का आलम यह है कि विज्ञान के शिक्षक को उर्दू की कॉपी जांचने का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।
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यही नहीं कई शिक्षकों को अयोग्य विषयों की कॉपियां जांचने में लगा दिया है। बोर्ड के साथ वित्तविहीन स्कूल भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बुधवार तक 350 विद्यालयों ने परीक्षकों के नियुक्ति पत्र नहीं उठाए।
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बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार से चार केंद्रों पर शुरू हो रहा है। बोर्ड ने परीक्षकों की नियुक्ति में जमकर गड़बड़ी की है। जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाता ही नहीं उसे उस विषय की कॉपी जांचने के लिए नियुक्त कर दिया गया है।
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यही नहीं बोर्ड ने चार दृष्टिबाधित शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र भेज दिए हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा में दृष्टिबाधित छात्र बैठते हैं, लेकिन उनकी कॉपी लिखने के लिए राइटर मुहैया कराए जाने की व्यवस्था है। कॉपी नॉर्मल शिक्षकों द्वारा ही जंचवाई जाती है।
इसके अलावा मोहान रोड स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता सिंह ने बताया कि उनकी यहां की एक शिक्षिका का स्थानांतरण हो चुका है, बोर्ड ने उनका भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है।
तीन शिक्षिकाओं को उन विषयों की कॉपियां जांचने का नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, जिसे वे पढ़ाती ही नहीं हैं। बोर्ड की लापरवाही का आलम यह है कि विज्ञान के शिक्षक को उर्दू की कॉपी जांचने का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।
नियुक्ति पत्र नहीं लिया तो जाएगी मान्यता
डेमो
- फोटो : demo pic
मूल्यांकन कार्य पंद्रह दिनों तक चलेगा। इसके सही समय पर पूर्ण होने में आशंका है। क्योंकि अभी तक 350 से ज्यादा विद्यालयों ने करीब 1200 शिक्षकों के नियुक्ति पत्र नहीं लिए हैं। इन विद्यालयों का पैकेट डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा कार्यालय में रखा हुआ है।
कार्यालय के कर्मचारियों ने इन सभी विद्यालयों को फोन कर सूचित करना चाहा तो किसी ने अपना मोबाइल बंद कर रखा था तो किसी ने कार्यालय में गलत नंबर लिखवा रखा था।
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, अमीनाबाद इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद और राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज में सुबह 10 बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा। इस बार 13 लाख 42 हजार से ज्यादा कॉपियां आवंटित की गई हैं।
वहीं इसके सापेक्ष करीब चार हजार परीक्षक और 379 डीएचई की नियुक्ति की गई है। मूल्यांकन कार्य के पहले दिन गुरुवार को डीएचडी परीक्षकों को कॉपियां जांच कर बताएंगे और अंकों का किस तरह से आवंटन करना है उसकी विधि बताएंगे।
मूल्यांकन कार्य को लेकर विद्यालयों की लापरवाही को डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने विद्यालयों को नोटिस भेजकर तत्काल परीक्षकों के नियुक्ति पत्र ले जाने और शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बावजूद लापरवाही बरतने पर उन्होंने परिषद के नियमों के तहत संबंधित विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति किए जाने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए गलत विषय अलॉट कर दिए गए हैं वे मूल्यांकन केंद्र पर जाकर सुधार करा सकते हैं और पूर्व की भांति अपने विषय की कॉपियों को ही जांचेंगे।
कार्यालय के कर्मचारियों ने इन सभी विद्यालयों को फोन कर सूचित करना चाहा तो किसी ने अपना मोबाइल बंद कर रखा था तो किसी ने कार्यालय में गलत नंबर लिखवा रखा था।
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, अमीनाबाद इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद और राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज में सुबह 10 बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा। इस बार 13 लाख 42 हजार से ज्यादा कॉपियां आवंटित की गई हैं।
वहीं इसके सापेक्ष करीब चार हजार परीक्षक और 379 डीएचई की नियुक्ति की गई है। मूल्यांकन कार्य के पहले दिन गुरुवार को डीएचडी परीक्षकों को कॉपियां जांच कर बताएंगे और अंकों का किस तरह से आवंटन करना है उसकी विधि बताएंगे।
मूल्यांकन कार्य को लेकर विद्यालयों की लापरवाही को डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने विद्यालयों को नोटिस भेजकर तत्काल परीक्षकों के नियुक्ति पत्र ले जाने और शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बावजूद लापरवाही बरतने पर उन्होंने परिषद के नियमों के तहत संबंधित विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति किए जाने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए गलत विषय अलॉट कर दिए गए हैं वे मूल्यांकन केंद्र पर जाकर सुधार करा सकते हैं और पूर्व की भांति अपने विषय की कॉपियों को ही जांचेंगे।