मेरठ में 2019 के चुनाव की व्यूह रचना करेगी भाजपा, पश्चिमी यूपी के लिए खास है सियासी संदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने उत्तर प्रदेश के चुनावी समर की व्यूह रचना तैयार करने के लिए मेरठ की धरती को चुना है। पार्टी की रीतिनीति और रणनीति तय करने वाली प्रदेश कार्यसमिति की वहां 11 और 12 अगस्त को बैठक बुलाई गई है। यह जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने दी है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी बैठक के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे और चुनावी मंत्र देने के साथ आगे के अभियान का काम सौंपेंगे। लंबे अंतराल के बाद होने जा रही प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक में संगठन और सरकार के सभी प्रमुख लोगों के शामिल होने की संभावना है।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मेरठ में करने के पीछे राजनीतिक निहितार्थ छिपे नजर आ रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश ध्रुवीकरण के मुद्दे पर काफी संवेदनशील रहा है। इस समय भी हलाला और तीन तलाक जैसे मुद्दों को लेकर वेस्ट यूपी खासा चर्चा में है। तीन तलाक और हलाला के खिलाफ भाजपा का संगठन और सरकारें भी मुखर हैं।
जाहिर है कि यह स्थिति भी भाजपा को मेरठ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करने के लिए माकूल है। बैठक के जरिये किसी न किसी रूप में इन मुद्दों को भी धार दिए जाने की संभावना है। लोकसभा के पिछले चुनाव और 2017 के विधानसभा के चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया था। पर, संयोग से संगठन व सरकार दोनों का नेतृत्व पूरब के पास हैं। जब-तब यह टीस चर्चा में भी आ चुकी है।
सरोकारों के ख्याल का देगी संदेश
ऐसा लगता है कि भाजपा के रणनीतिकारों ने चुनावी तैयारियों पर चर्चा के लिए बुलाई जा रही प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मेरठ में करने का फैसला कर उस टीस को कम करने की कोशिश की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बैठक के जरिये भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके सरोकारों के ख्याल का संदेश देगी।
इसलिए भी मेरठ
खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर चुकी भाजपा सरकार ने गन्ना के परामर्शी मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी है। सभी जानते हैं कि गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत का मुख्य मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 जुलाई को शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने आ रहे हैं।
स्वाभाविक रूप से वह इस रैली में खरीफ फसलों के भावों में बढ़ोतरी के साथ गन्ना मूल्य में वृद्धि का जिक्र करके इन्हें चुनावी मुद्दा बनाएंगे। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति किसानों खासतौर से गन्ना किसानों के लिए किए गए इस फैसले के सहारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों को लामबंद करने की रणनीति का भी खाका खींचेगी।