फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   BJP warns govt and officers on Kanth violence

भाजपा की धमकी, चुन-चुन कर बदला लेंगे

Thu, 10 Jul 2014 05:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Thu, 10 Jul 2014 05:29 PM IST
विज्ञापन
BJP warns govt and officers on Kanth violence

केंद्र में सरकार बन जाने से भाजपा नेता उत्तर प्रदेश में खुलकर दबंगई कर रहे हैं। कांठ हिंसा मामले में एक भाजपा नेता ने अफसरों को धमकी दी है।

विज्ञापन


भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को जेल में बंद भाजपाइयों से मुलाकात के बाद ब्यूरोक्रेसी को चेताया कि जल्द सूबे में भाजपा की सरकार बनेगी उसके बाद इन अफसरों से चुन-चुन कर भाजपा कार्यकर्ताओं के जख्मों का हिसाब लिया जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने प्रदेश की सपा सरकार पर भी जमकर हमला बोला और कहा कि कांठ थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं को जूतों से पीटा गया। सरकार और प्रशासन ने अंग्रेजों के अत्याचार की सीमा को भी लांघ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार ने ये जख्म कार्यकर्ताओं के जिस्म पर नहीं बल्कि भाजपा के दिल पर किए हैं, जिनका हिसाब तुष्टिकरण में अंधी सरकार और बेलगाम ब्यूरोक्रेसी को देना होगा।

भाजपाइयों ने काटा हंगामा

BJP warns govt and officers on Kanth violence

गौरतलब है कि कांठ में महापंचायत करने के लिए निकले भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया था। जिनसे मिलने के लिए पार्टी प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह आए थे।

वह मंगलवार रात को करीब तीन बजे ही मुरादाबाद पहुंच गए थे। सुबह उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की और दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे कांठ बवाल में बंद भाजपाइयों से मिलने के लिए जिला जेल पहुंचे।

लेकिन जेल प्रशासन ने नियम के मुताबिक उन्हें इंतजार करने को कहा। करीब आधा घंटा तक स्वतंत्र देव सिंह जेल के गेट पर खड़े रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और जेल अफसरों के खिलाफ नारेबाजी भी की।

जेल से मिलाई कर लौटे स्वतंत्र देव सिंह बोले, कार्यकर्ताओं को इस क्रूरता के साथ कांठ थाने में पीटा गया है जिससे अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा हो गई है। उन्होंने यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर अफसरों को परिणाम भुगतने की धमकी दी।

पार्टी के कहने पर ही आए थे कांठ

BJP warns govt and officers on Kanth violence

मंदिर पर लाउडस्पीकर के मुद्दे को लेकर महापंचायत का ऐलान करने वाली भाजपा को न तो अब मंदिर याद रहा और न ही लाउडस्पीकर। आलम ये है कि पार्टी ने कांठ थाने की लॉकअप में पुलिस के हाथों पिटे जिलों के अपने अहम ओहदेदारों समेत बाकी 60 कार्यकर्ताओं को भी उनके हाल पर छोड़ दिया है।

पार्टी इस मुद्दे को तूल देने के मूड में नहीं है। छोटे मोटे नेताओं के आने का सिलसिला जारी है ताकि कार्यकर्ताओं को एकदम से ये एहसास न हो कि उन्हें पार्टी ने तन्हा छोड़ दिया है।

जिला जेल की बैरकों में गर्मी में सड़ रहे भाजपा के इन सभी साठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की कॉल पर ही कांठ के लिए कूच किया था।

रास्ते में पकड़े गए, थाने में पुलिस के हाथों बेरहमी से पिटे, जख्मी हुए और जेल पहुंच गए। लेकिन इसके बावजूद पार्र्टी ने मुद्दे को उस गरमजोशी से नहीं उठाया जिसकी उम्मीद जेल गए कार्यकर्ताओं को थी।

पार्टी सांप्रदायिकता को तूल नहीं देगी

BJP warns govt and officers on Kanth violence

प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आदेश पर मामले की जांच करने आई भाजपा विधायकों की समिति तो यहां तक कह गई कि भाजपा ने कांठ महापंचायत कॉल की ही नहीं थी। पार्टी के इस कदम से साफ है कि वो सांप्रदायिकता के आधार पर किसी भी मुद्दे को तूल देने के मूड में नहीं है।

दिल्ली में उसकी सरकार है और यदि उसी के नेताओं की वजह से हालात बिगड़े तो सरकार दिल्ली में घिरेगी। पार्टी के आला ओहदेदारों की मानें तो यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी मुरादाबाद आने से कतरा रहे हैं।

साठ भाजपाइयों को जेल गए छह दिन बीत गए और प्रदेश अध्यक्ष या कोई भी बड़ा नेता मुरादाबाद नहीं पहुंचा, इससे साबित है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर बहुत गंभीर नहीं है।

ऐसे में अपने जेल जाने पर किसी बड़े आंदोलन की उम्मीद लगाए बैठे भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता निराश हैं। मंदिर और लाउडस्पीकर समेत दलित महिलाओं की पिटाई को तो भाजपा नेताओं ने ठंडे बस्ते में डाल ही दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed