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गर्माया जलाई गई महिला का मामला, बीजेपी ने की सीबीआई जांच की मांग

Tue, 14 Jul 2015 08:24 PM IST
Updated Tue, 14 Jul 2015 08:24 PM IST
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bjp wants cbi enquiry on barabanki woman burned issue

कानपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया था कि बीजेपी प्रदेश के हर मुद्दे को जमकर उठाएगी। उसी सिलसिले में भाजपा सांसदों के दल ने बाराबंकी का भ्रमण किया था।

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भाजपा सांसदों के जांच दल ने बाराबंकी में पुलिस उत्पीड़न और जलने से महिला की मौत की घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। भाजपा के चार सांसदों का दल बिहार से सांसद अश्विनी चौबे के नेतृत्व में सोमवार को बाराबंकी में कोठी थाना और संबंधित महिला के घर गया था।
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सांसदों के इस दल ने भुक्तभोगी परिवार के सदस्यों और क्षेत्रीय लोगों तथा बाराबंकी प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत के बाद बुधवार को लखनऊ के पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश सरकार की रीतिनीति और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
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कहा कि भाजपा देश के संघात्मक ढांचे और संविधान की व्यवस्था पर आस्था रखती है। उसी के तहत काम करेगी। दल ने बताया कि वह जल्द ही यह रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंप देगा।

सूबे में खत्म हुआ कानून का राज?

bjp wants cbi enquiry on barabanki woman burned issue

अश्विनी चौबे ने बताया कि दल को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में कुछ वक्त लगेगा। पर, प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद यही निष्कर्ष निकलता है कि सूबे में कानून का राज समाप्त हो गया है। पुलिस को लूट की खुली छूट है।

जांच दल ने पुलिस की प्रक्रिया पर कुछ सवाल भी उठाए। जांच दल के सदस्यों ने तर्क दिया कि मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा को एक सप्ताह बीत गया है परंतु किसी को अभी गांव जाने या इस मामले में लोगों से बातचीत करने का समय नहीं मिल पाया है।

बाराबंकी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक गोलमोल जवाब दे रहे हैं। सवाल उठता है कि महिला को पुलिस ने नहीं जलाया तो किसने जलाया। अधिकारियों के कथनानुसार महिला ने अगर आग लगाकर आत्महत्या की है तो जिलाधिकारी ने उसके परिवार को पांच लाख रूपये मुआवजा क्यों दे दिया।

आत्महत्या करना तो अपराध है। प्रदेश सरकार को बताना चाहिए कि ऐसा करके क्या वह इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देना चाहती है। पुलिस ने आग नहीं लगाई लेकिन महिला से अभद्रता होने की बात तो एस.पी. बाराबंकी ने भी स्वीकार की है तो फिर अभी तक कोठी थाने के थानाध्यक्ष व दरोगा से कोई पूछतांछ क्यों नहीं की गई।

अधिकारी इस सवाल का भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ जो महिला को यह कदम उठाना पड़ा। दल में चौबे के अलावा, सांसद मीनाक्षी लेखी, एम.जे.अकबर व अर्जुन मेघवाल शामिल थे।

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