बसपा के बुरे दिन लाने का 'भाजपाई प्लान' तैयार
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लोकसभा चुनाव में मिला समर्थन वजह हो या 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में वोट के इंतजाम की जरूरत। भाजपा ने अनुसूचित जातियों पर फोकस करने का फैसला किया है।
इसके तहत प्रदेश में इन जातियों के बीच निरंतर संवाद और संपर्क रखने का फैसला किया गया है। सभी जिलों में प्रमुख लोगों से विचार-विमर्श करके छोटे-छोटे समूह बनेंगे।
यह समूह इन जातियों के बीच जाकर उनकी प्राथमिकताएं समझेंगे। उन प्राथमिकताओं के अनुसार आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिस पर काम होगा।
भाजपा के संगठनात्क ढांचे में भी इन चेहरों को महत्वपूर्ण स्थान देकर उनके मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखने का संदेश दिया जाएगा।
कांशीराम को भी देगी मान्यता
डॉ. अंबेडकर तो पहले से ही भाजपा के एजेंडे में हैं। जिनकी जयंती व पुण्यतिथि पर भाजपा सहित संघ से जुड़े कई संगठन कार्यक्रम आयोजित करते हैं। संत रैदास की मान्यता पहले से ही संघ परिवार में है।
भाजपा अब इन महापुरुषों से जुड़े कार्यक्रमों को और बड़े रूप में करेगी। यही नहीं भाजपा ने बसपा के संस्थापक स्व. कांशीराम को भी मान्यता व पूरा सम्मान देने का निश्चय किया है।
साथ ही उन तमाम महापुरुषों को भी पूरा महत्व देने और उनकी जयंती व पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय किया है, जो अभी तक आमतौर पर बसपा के शासन में होने पर चर्चा में रहते थे।
इनमें नारायण गुरु, ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहू जी महराज शामिल हैं।
इसलिए संघ है उत्साहित
साफ है कि लोकसभा चुनाव में अनुसूचित जातियों से भाजपा को मिले समर्थन से संघ परिवार काफी उत्साहित है।
उसे इस बात का एहसास है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों की सभी सुरक्षित 17 सीटों पर जीत और अन्य स्थानों पर भी अनसूचित जाति के वोटों के समर्थन ने ही इतनी भारी जाती दिलाई है।
अगर यह वोट बसपा से न छिटका होता तो शायद इस तरह के नतीजे न आते। इसलिए न सिर्फ भाजपा बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस बृहद हिंदू एकजुटता को बनाए रखने के लिए सक्रिय हो गया है।
उसे पता है कि इन जातियों का बिखराव उसकी स्थिति को कमजोर करेगा जबकि जुड़ाव 2017 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों में ताकत देगा।
इस तरह खींचा गया खाका
इसके लिए पहले चरण में लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर इन्हें विभिन्न संवर्गों से संपर्क की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह ग्रुप अनुसूचित जाति की बस्तियों में जाकर लोगों से मिलेंगे।
उनसे बातचीत करके केंद्र में आई मोदी सरकार से उनकी अपेक्षाओं को समझेंगे। उनकी स्थानीय व निजी समस्याओं को भी जानेंगे। कुछ ग्रुप अनुसूचित जाति की समस्याओं के समाधान और उनकी तरक्की पर काम करने वाले लोगों व संगठनों से मिलकर इस समाज की समस्याओं के समाधान पर बातचीत करेंगे।
साथ ही इस वर्ग के शिक्षकों, डाक्टरों, इंजीनियरों, वैज्ञानिकों आदि से संपर्क करके इस समाज की दशा और दिशा पर विचार-विमर्श करेंगे।
इस सिलसिले में कुछ सम्मेलन और संगोष्ठियां करके भी जरूरतों को समझने की कोशिश की जाएगी।
जल्द ही शुरू होंगी 2017 के चुनाव की तैयारी
इस कवायद से निकले निष्कर्षों पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। कार्ययोजना के कुछ काम भाजपा की अगुवाई में होंगे तो कुछ काम संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के तत्वावधान में।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी तो कहते भी हैं कि पार्टी जल्द ही 2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर देगी। जहां-जहां जो कमियां हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा।
जिस तरह सभी वर्गों के लोगों को समर्थन भाजपा को मिला है, उसके मद्देनजर भाजपा भी सभी को महत्व देगी।
अनुसूचित समाज की समस्याओं का करेंगे समाधान
इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय पासवान का कहना है कि लोकसभा चुनाव में सारे मिथक तोड़कर अनुसूचित जाति व वंचित वर्ग ने भाजपा का समर्थन किया है।
यह समर्थन हमारा थाती है। साथ ही इनकी अपेक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी भी। इसीलिए मोर्चा की तरफ से मैं इन लोगों का आभार जताने के लिए जगह-जगह जा रहा हूं।
वाजपेयी कहते हैं कि इनकी अपेक्षाओं, आवश्यकताओं, इच्छाओं तथा दृष्टिकोण को समझकर उस पर पूरी कार्ययोजना बनाने का फैसला किया गया है। भाजपा इस समाज को अपने साथ जोड़कर रखना चाहती है।
महापुरूषों के नाम पर होगी राजनीति
पासवान का कहना है कि देश में अनुसूचित जाति व वंचित वर्ग के महापुरुषों ने हमेशा राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना के लिए काम किया। कई ऐसे महापुरुष भी हुए जिन्होंने दूसरे वर्ग का होते हुए भी इन जातियों के हित में काम किया। भाजपा इन सभी को मान्यता व महत्व तथा सम्मान देती है।
संत रैदास, वेद व्यास, डॉ अंबेडकर, नारायण गुरु, छत्रपति शाहू जी महराज, ज्योतिबा फूले के काम को महत्वपूर्ण मानती है। स्व. कांशीराम ने भी जिस तरह का काम किया है। वह भी कम उल्लेखनीय नहीं है।
भाजपा इसे भी महत्वपूर्ण मानती है। भाजपा अनुसूचित जातियों व वंचित वर्गों की जरूरतों को समझकर उस लिहाज से काम करना चाहती है। इन सबको सम्मान देना चाहती है।