गंगा व गाय के सहारे यूपी में 'मोक्ष' की कोशिश में भाजपा
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार की नजरें ‘मोक्ष’ के लिए एक बार फिर गंगा व गाय पर टिक गई हैं। सभी संगठन अपने-अपने तरीके से गोरक्षा व गंगा रक्षा अभियान की तैयारी में जुटे हैं।
इससे जुड़े स्वयंसेवक हर परिवार से गाय व गंगा की रक्षा के लिए संकल्प पत्र भरवाएंगे। प्रदेश भाजपा ने गंगा के किनारे स्थित यूपी के 19 जिलों को फोकस किया है तो संघ से जुड़े संगठनों ने अलग-अलग तरह से अपनी रणनीति बनाई है।
हालांकि संघ ने इस पूरे अभियान में अपने सहयोगी संगठनों और नदियों के संरक्षण व पशुओं की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्थाओं व विशेषज्ञों को आगे किया है।
माना जा रहा है कि अभियान को आलोचनाओं व आरोपों से बचाए रखने के लिए संघ ने खुद को पर्दे के पीछे रखा है, जिससे पूरे हिंदू समाज को इस अभियान से जोड़ा जा सके। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
विहिप ने संतों का लिया सहारा
विहिप ने दोनों मुद्दों पर संतों के सहारे जनजागरण करने की तैयारी की है तो विहिप के गोरक्षा विभाग व भाजपा के गोवंश प्रकोष्ठ ने गाय की रक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करने की कार्ययोजना बनाई है।
भाजपा तैनात करेगी वालंटियर: भाजपा ने प्रदेश में गंगा किनारे स्थित जिलों में गंगा रक्षा समूह गठित करने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, जल्द ही इन जिलों में पार्टी के प्रभारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी, जो गंगा सुरक्षा समूह का गठन करेंगे।
ये समूह जिले में ‘अविरल गंगा-निर्मल गंगा’ के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि लोग गंगा में गंदगी व कचरा न डालने पाएं।
वाजपेयी कहते हैं कि भाजपा का यह अभियान राजनीतिक नहीं है। इसलिए उनकी कोशिश है कि जो भाजपा से नहीं जुड़े हैं, वे भी इस अभियान का हिस्सा बनें।
जल्द ही पूरे देश में शुरू होगा अभियान
विहिप के गोरक्षा विभाग के केंद्रीय संगठन मंत्री खेमजी के अनुसार, जल्द ही पूरे देश में गाय की रक्षा के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
इसके तहत राज्यसभा की कोश्यारी समिति की रिपोर्ट लागू करने, मांस के निर्यात पर रोक लगाने, कत्लखाने बंद करने और पंचगव्य को आयुर्वेद में शामिल करने की मांग की जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाएगा कि वे गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध का कानून बनाने के लिए विहिप का सहयोग करें।
खेमजी भी कहते हैं कि अभियान का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। भले ही भाजपा व विहिप इस अभियान को गैर राजनीतिक बता रहे हों, लेकिन बारीकी से नजर डालने पर इसके पीछे कहीं न कहीं मिशन 2017 की चिंताओं से मुक्ति और इनके जरिये वोटों का समीकरण ठीक करने की कोशिश ही दिखती है।