{"_id":"60f50b7e8ebc3e6d7b523d16","slug":"bjp-state-president-swatantra-dev-singh-completes-two-years-of-his-tenure","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वतंत्र देव सिंह के दो साल पूरे, चुनौतीपूर्ण होगा तीसरा साल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वतंत्र देव सिंह के दो साल पूरे, चुनौतीपूर्ण होगा तीसरा साल
Mon, 19 Jul 2021 10:53 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 19 Jul 2021 10:53 AM IST
सार
स्वतंत्र देव के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विधान परिषद में स्थानीय निकाय क्षेत्र की 35 सीटों पर होने वाले चुनाव और विधानसभा चुनाव 2022 की है।
विज्ञापन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का दो साल का कार्यकाल राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच पूरा हुआ है। तीसरे साल में उनके सामने विधान परिषद और विधानसभा चुनाव जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। तत्कालीन परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह को 16 जुलाई 2019 को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा हुई थी।
विज्ञापन
स्वतंत्र देव ने 19 जुलाई को कार्यभार ग्रहण किया था। उनके प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद अक्तूबर 2019 में विधानसभा की 11 सीटों पर हुए उप चुनाव में भाजपा ने 9 सीटें जीती थीं। नवंबर 2020 में सात सीटों पर हुए उप चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की। विधान परिषद की शिक्षक-स्नातक क्षेत्र की 12 सीटों के चुनाव में भी भाजपा ने 9 सीटें जीती थीं।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव के बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक संगठन के नेतृत्व में फेरबदल की अटकलों ने भी स्वतंत्रदेव को परेशान किया। 23 महीने तक अग्रिम मोर्चों, विभागों और प्रकोष्ठों की नई टीम घोषित नहीं होने से कार्यकर्ताओं में बढ़ी नाराजगी ने भी चिंतित किया। लेकिन उसके बाद सरकार और संगठन के समन्वय से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 75 में से 67 जिलों में भाजपा काबिज हुई।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी भाजपा ने 648 सीटों पर कब्जा जमाया है। अग्रिम मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों में नियुक्तियों का सिलसिला भी तेजी से शुरू हो गया। स्वतंत्र देव के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विधान परिषद में स्थानीय निकाय क्षेत्र की 35 सीटों पर होने वाले चुनाव और विधानसभा चुनाव 2022 की है।