फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   BJP state chief ask about Kanth issue

कांठ: मंदिर से ही क्यों हटाया लाउडस्पीकर?

Wed, 10 Dec 2014 12:04 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 10 Dec 2014 12:04 PM IST
विज्ञापन
BJP state chief ask about Kanth issue

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कांठ मामले में सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि सरकार तुष्टीकरण के चलते तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जानकारी दे रही है।

विज्ञापन


उन्होंने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर पूछा है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में जब कांठ (मुरादाबाद) के अकबरपुर-चंदेरी गांव में मंदिर और मस्जिद दोनों पर लाउडस्पीकर लगे होने की जानकारी दी गई है तो किन कारणों से सिर्फ मंदिर से ही लाउडस्पीकर हटाया गया।
विज्ञापन


उन्होंने प्रमुख सचिव से आयुक्त स्तर के अधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।

आरटीआई के तहत ये जानकारियां मांगी

BJP state chief ask about Kanth issue

भाजपा अध्यक्ष ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि मुरादाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता पवन अग्रवाल ने मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत इस गांव में मंदिर व मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों के बारे में जानकारी मांगी थी।

इसमें यह भी पूछा गया था कि कांठ में कुल कितने मंदिर एवं मस्जिद निर्मित हैं।

थानेवार, स्थान व निर्माण वर्ष की जानकारी, निर्माण की अनुमति कब दी गई मंदिर-मस्जिदों पर कितने लाउडस्पीकर लगे हैं और इसे लगाने की कब अनुमति दी गई आदि जानकारियां मांगी गई थीं।

मस्जिदों के बारे में शासन ने नहीं दी जानकारी

BJP state chief ask about Kanth issue

वाजपेयी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय अपेक्षित जानकारियां नहीं दे पाया है। जवाब में बताया गया है कि कांठ के संबंधित गांव अकबरपुर-चंदेरी में जाटवों की बस्ती में शिव मंदिर है। मंदिर पर लाउडस्पीकर लगा है। पर, यह कबसे लगा है इसकी तारीख नहीं बताई गई है।

मस्जिदों के बारे में बताया गया है कि लाउडस्पीकर लगे हैं। पर, किसी के बारे में यह नहीं बताया गया है कि यह कबसे लगे हैं। किसकी अनुमति से लगे हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि प्रशासन ने किसकी अनुमति दी थी और किसकी नहीं दी थी। इससे साफ है कि मंदिर व मस्जिदों पर लाउडस्पीकर लगे होने की परिस्थितियां एक है।

ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि एक जैसी परिस्थिति के बावजूद सिर्फ शिव मंदिर से ही लाउडस्पीकर क्यों हटाया गया? वाजपेयी ने कहा कि यह गंभीर प्रकरण है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed