एक साथ जनता के बीच जाने से घबरा रहे हैं अखिलेश-राहुल: भाजपा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में रोज हो रहे जनहित के फैसलों और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हताश हो गए हैं।
वह चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा करने की बजाए ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाकर जनादेश का मजाक उड़ा रहे हैं। शनिवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने एक बयान में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, गुंडाराज और सत्ता पर कब्जे के लिए चले पारिवारिक झगड़े से त्रस्त सूबे की जनता ने अखिलेश को नकार दिया है। रही सही कसर योगी ने रिवर फ्रंट, एक्सप्रेस-वे और जेपीएनआईसी जैसे घोटालों व एलडीए में प्लॉटों का भू उपयोग बदलने के खेल की जांच शुरू कराकर पूरी कर दी है।
लगातार सामने आ रहे इन घोटालों के चलते अखिलेश हताश होकर एक बार फिर नए गठबंधन की बात करने लगे हैं। हालांकि, वह यह जानते हैं कि राहुल गांधी और उनके साथ को जनता पूरी तरह नकार चुकी है। ये दोनों तो अब जनता के बीच एक साथ जाने से भी घबरा रहे हैं।
अखिलेश न भूलें कि मायावती पर सपा ने किया था हमला
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी ही पार्टी ने किस तरह गेस्ट हाउस कांड में बहन मायावती पर कातिलाना हमला किया था।
वहीं प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने सूबे में अक्तूबर-2018 तक हर घर को 24 घंटे बिजली देने के लिए केंद्र से किए गए पावर फॉर ऑल के अनुबंध को उत्तर प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम करार दिया है।
उन्होंने कहा कि जिस काम को अखिलेश सरकार पिछले पांच साल में नहीं कर पाई, भाजपा की योगी सरकार ने उसे मात्र 27 दिन में पूरा कर दिया।