'यूपी में जनता ही नहीं पुलिस भी पीटी जा रही'
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राज्य सरकार की नीतियों और खराब कानून-व्यवस्था के खिलाफ भाजपा विधायक सोमवार से विधान भवन के सामने दो दिवसीय धरना शुरू किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल हो गई है। सूबे में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।
शासन तंत्र फेल हो गया है और प्रदेश में गोवंश की हत्या हो रही है। किसान परेशान हैं, नौजवानों को धोखा दिया जा रहा है। वाजपेयी ने कहा, प्रदेश का बजट मनमाने तरीके से खर्च किया जा रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि धरने के बाद भी सरकार न चेती तो आगे भी संघर्ष जारी रखा जाएगा।
विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश की स्थिति काफी खराब है। जनता ही नहीं, पुलिस भी पीटी जा रही है। बिजली को लेकर पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा है। इसके बाद भी राज्य सरकार बिजली दर बढ़ाने पर अड़ी हुई है। भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने में ढिलाई
लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा, प्रदेश में अवैध खनन का धंधा जोरों पर है। मिल मालिक गन्ना किसानों का बकाया नहीं दे रहे। उन्होंने चीनी मिलों को समय से चलाने की मांग की। जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने में ढिलाई का आरोप लगाया और कहा, मानक के अनुसार अन्य जिलों को भी सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए।
नेता विधान परिषद हृदयनारायण दीक्षित ने कहा, पूरे राज्य में अराजकता है। बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार अपनी जिम्मेदारी केंद्र पर डाल रही है। बाढ़ पीड़ित व सूखा पीड़ित जिलों में कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
इन प्रमुख मांगों को लेकर दिया धरना
अपराधों पर अंकुश लगे, भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद हो, बिजली व्यवस्था में सुधार हो तथा इसमें मूल्य वृद्धि का प्रस्ताव वापस हो, गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित हो और चीनी मिलें समय से चलाई जाएं।
किसानों को खाद, बीज तथा सिंचाई के लिए बिजली मिले, नई सड़कों का निर्माण व टूटी सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू हो, विपक्षी विधायकों की सिफारिश पर भी सड़कें बनवाई जाएं, विधायकों की सिफारिश पर 100 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप उनके क्षेत्रों में बिना भेदभाव के लगाए जाएं। बालू का अवैध खनन रोका जाए।