कम से कम 265 अधिक से अधिक 403 सीट जीतना है: भाजपा अध्यक्ष
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद पहली बार लखनऊ आए केशव प्रसाद मौर्य के निशाने पर सपा और बसपा रहे। उन्होंने कहा कि दोनों दलों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मजबूत गठबंधन है।
जातिवाद व परिवारवाद की राजनीति करने वालों को जनता सबक सिखाएगी। उन्होंने ‘कांग्रेस मुक्त भारत, सपा-बसपा मुक्त उत्तर प्रदेश’ का नारा दिया। कहा कि भाजपा न्यूनतम 265 और अधिकतम 403 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर विधानसभा चुनाव में उतरेगी।
भाजपा कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में केशव प्रसाद ने कहा, भाजपा नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता को सम्मान दिया। भरोसा दिलाता हूं कि कार्यकर्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।
उन्होंने कहा, मुझे अध्यक्ष मनोनीत करने के बाद से कहा जा रहा है कि मेरे ऊपर आपराधिक मुकदमे हैं। बताना चाहता हूं कि मुझ पर आपराधिक केस नहीं हैं।
मेरे ऊपर लगे मुकदमे जनता व कार्यकर्ताओं के हित व सम्मान की रक्षा में राजनीतिक मुकदमे हैं। यदि किसी ने भाजपा कार्यकर्ता को छेड़ा तो मैं न पहले चुप बैठा हूं और आगे चुप बैठूंगा। सपा की गुंडागर्दी के खिलाफ संघर्ष होगा।
कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, अपराध चरम पर हैं
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय नेतृत्व ने हमसे अपेक्षा की है कि विधानसभा चुनाव में न्यूनतम 265 सीटें आनी चाहिए। हमें भरोसा है कि प्रचंड बहुमत से सत्ता में आएंगे। हमारा नारा होगा, ‘कांग्रेस मुक्त भारत, सपा-बसपा मुक्त उत्तर प्रदेश’।
कहा, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपा-बसपा में मजबूत गठबंधन है। चुनाव में दोनों दल एक दूसरे के भ्रष्टाचार के मामलों में कार्यवाही का वादा करते हैं लेकिन सत्ता में आने पर उनके कारनामे छिपाते हैं।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, अपराध चरम पर हैं, बुंदेलखंड में भयंकर सूखे के हालात हैं। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संवेदनशील हैं। उन्होंने बुंदेलखंड के लिए 1304 करोड़ रुपये का पैकेज दिया।
बसपा के जातिवाद व मुलायम के परिवारवाद पर निशाना
केशव ने बसपा, सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जातिवाद, परिवारवाद और व्यक्तिवाद की राजनीति करने वालों को पता लग गया है कि प्रदेश की जनता क्या चाहती है। यह राजनीति अब नहीं चलेगी। हम यूपी को उत्तम प्रदेश बनाएंगे। गरीबी मुक्त, बीमारी मुक्त और बेरोजगारी मुक्त प्रदेश बनाएंगे।
हमारा चुनावी मुद्दा विकास और केवल विकास होगा। भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सड़कों पर उतरेंगे। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्तियों में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बनाए गए हैं।
सपा, बसपा वन मैन शो
मौर्य ने कहा कि बसपा में मायावती के खिलाफ दिन में एक लाइन बोलने पर शाम तक कोई पार्टी में नहीं रह सकता। सपा में कोई कल्पना नहीं कर सकता कि मुलायम सिंह के परिवार के सदस्य के अलावा कोई मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।
उन्होंने कहा, मुझे मालूम नहीं था कि एक कार्यकर्ता के नाते मुझे प्रदेश संगठन की बागडोर मिलेगी। भाजपा साधारण कार्यकर्ता को सम्मान देती है। भाजपा का एक-एक नेता दस-दस मुलायम और मायावती के बराबर है।
सपा-बसपा से रखें दुश्मन जैसा व्यवहार : वाजपेयी
भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के तेवर सोमवार को भी तीखे रहे। उन्होंने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि सपा और बसपा को उखाड़ फेंकना है। उनसे दुश्मन जैसा व्यवहार रखना है।
मौर्य के स्वागत समारोह में डॉ. वाजपेयी ने कहा, दोनों दलों में जो जैसी भाषा चाहेगा, भाजपा कार्यकर्ता उसी भाषा में जवाब देंगे। लाठी-डंडों से भी पीछे नहीं हटेंगे। विधानसभा पर युवा मोर्चा कार्यकर्ता सरकार के लाठी-डंडों का जवाब दे चुके हैं।
2017 के चुनाव आएंगे तो संवैधानिक मर्यादा के अनुरूप वोट के जरिये सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा, मुझे सुई की नोंक के हजारवें हिस्से के बराबर भी शक नहीं कि अखिलेश सरकार जा रही है। बसपा की वापसी नहीं होने देना है।
बसपा सौ सीटों से नीचे रहेगी। बाकी सभी सीटें कमल के हिस्से आएंगी। विधानमंडल भवन के गुंबद की तरफ इशारा करते हुए कहा कि केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उस पर कमल का फूल खिलाना है।
बसपा को दलितों की चिंता नहीं
डॉ. वाजपेयी ने कहा कि दलितों पर अत्याचार के मामलों में बसपा के किसी नेता को बोलने का हक नहीं। हाथरस में गौरव खटीक, आगरा में अरुण माहौर की हत्या पर बसपा चुप रही।
बिसाहड़ा कांड में नसीमुद्दीन सिद्दीकी 11 लाख रुपये की मदद लेकर पहुंचे थे लेकिन 11 महीने में दलित महिलाओं के उत्पीड़न की 90 घटनाओं में एक भी दलित नेता नहीं पहुंचा।
नेतृत्व के निर्णय पर न लगाएं प्रश्नचिह्न
वाजपेयी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे नेतृत्व के निर्णय पर प्रश्नचिह्न न लगाएं। चुनाव तक दिमाग का वह अंश बंद कर दें जो टीका टिप्पणी करता है। फौज के सिपाही की तरह नेतृत्व कहे तो खाई में कूद जाएं।
केशव प्रसाद संत हैं, सपा-बसपा का अंत हैं
डॉ. वाजपेयी ने कहा, कुछ लोग सही नारा लगा रहे हैं, ‘केशव प्रसाद संत है, सपा-बसपा का अंत हैं’। उनकी अगुवाई में सपा-बसपा को उखाड़ने का काम होगा। कहा, 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह के कुनबे के लोग जीत गए थे। इस बार उन्हें भी नहीं जीतने देना।