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UP Vidhan Parishad Election : 21 में 17 सीटों पर भाजपा की जीत तय, सात मंत्री भी जाएंगे विधान परिषद
Sun, 05 Jun 2022 03:50 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 05 Jun 2022 03:50 PM IST
सार
यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा क्षेत्रीय व जातीय संतुलन साधने में जुट गई है। पार्टी इन चुनाव में उन नेताओं को मौका देना चाहती है जिन्होंने यूपी चुनाव में बेहतरीन काम किया है। 21 में से 17 सीटों पर भाजपा की जीत तय है।
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- फोटो : Twitter/@BJP4india
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विस्तार
यूपी विधान परिषद में विधानसभा क्षेत्र कोटे की 13 सीटों के चुनाव, छह सीटों पर मनोनयन और दो सीटों के उपचुनाव में भाजपा क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने में जुट गई है। बीते दिनों आयोजित भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों के साथ पार्टी के पदाधिकारियों को परिषद भेजने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। कोर कमेटी की सिफारिश पर राष्ट्रीय नेतृत्व सोमवार तक निर्णय लेगा।
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विधान परिषद की कुल 21 सीटों के चुनाव, उपचुनाव और मनोनयन में भाजपा अपने अधिक से अधिक ऐसे कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहती है जिन्होंने विधानसभा चुनाव में अपनी जाति को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने के साथ अपने क्षेत्र में पार्टी को मजबूत किया है। पार्टी पश्चिम से पूरब और अवध से कानपुर-बुंदेलखंड तक क्षेत्रीय संतुलन बनाने के साथ आगामी निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय संतुलन बैठा रही है। खासतौर पर पिछड़े वर्ग की ऐसी जातियों को मौका देना चाहती है जिन्हें विधानसभा या राज्यसभा में मौका नहीं मिला हो।
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह का विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल 6 जुलाई को समाप्त हो रहा है। जबकि सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, आयुष राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र दयालु, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी अभी किसी सदन के सदस्य नहीं है। ऐसे में सरकार के सात मंत्रियों को भी विधान परिषद भेजा जाना है।
ठाकुर समाज से आने वाले जेपीएस राठौर का परिषद जाना तय है। दूसरे ठाकुर उम्मीदवार के लिए भाजपा नेताओं में दिल्ली तक दौड़ लगी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह की पैरवी कर रहे हैं। वहीं, एक प्रमुख खेमा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन सिंह और प्रदेश प्रवक्ता समीर सिंह में से किसी एक को परिषद भेजने की पैरवी कर रहा है। ब्राह्मण समाज से राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्रा का परिषद जाना तय है। इस समाज से प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेयी, राकेश त्रिपाठी, प्रदेश मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्रा सहित अन्य दावेदार भी हैं। दलित वर्ग से प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत, एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया और भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि सहित अन्य दावेदार हैं।
जीत का समीकरण: विधान परिषद में विधानसभा क्षेत्र कोटे की 13 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसमें सपा को 4 और भाजपा को 9 सीटें मिलनी तय है। वहीं मनोनीत कोटे की छह सीटों पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा। दो सीटों के उपचुनाव में भी भाजपा की जीत लगभग तय है।
क्षेत्रीय अध्यक्षों को मिल सकता है मौका: भाजपा कोर ग्रुप के आधे सदस्य क्षेत्रीय अध्यक्षों को परिषद भेजना चाहते है। खासतौर पर गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सेंधवार, अवध के शेष नारायण मिश्रा, पश्चिम के मोहित बेनीवाल भी दावेदारी कर रहे हैं।