आरक्षण बचाने के लिए बहराइच से फूंका बिगुल, हार्दिक पटेल की तर्ज पर दिखा आंदोलन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरक्षण के मुद्दे पर बुधवार को बहराइच के नानपारा में भाजपा सांसद की अगुवाई में दलित, पिछड़ों व अन्य वर्गों ने बिगुल फूंका। सभी ने संविधान के साथ ही आरक्षण संरक्षण का संकल्प लिया। बहराइच की सांसद सावित्रीबाई फुले बोलीं, सांसद रहूं न रहूं हर दलित व पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिलाकर दम लूंगी। आरक्षण संरक्षण के लिए सड़क तक संघर्ष होगा।
उन्होंने कहा कि आरक्षण की बात तो सभी दल करते हैं, लेकिन आजादी के बाद से अब तक रोस्टर जारी नहीं किया गया। जिसके चलते दलित व पिछड़ों के साथ अल्पसंख्यक तबके के लोग आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर बुधवार को नानपारा के नवाबगंज रोड पर स्थित अंबेडकर परिवर्तन पार्क में भारतीय संविधान व आरक्षण बचाओ महासम्मेलन का आयोजन हुआ। नमो बुद्धाय जनसेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बहराइच सांसद सावित्री बाईफुले रहीं।
मंच पर पिछड़े वर्ग के नेता हरिश्चंद्र गुप्ता की ओर से उन्हें सोने का मुकुट पहनाया गया। इसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से सिख समुदाय ने तलवार भेंट कर सम्मानित किया।
'आरक्षण खत्म नहीं होने दूंगी'
इस मौके पर सांसद सावित्रीबाई फुले ने कहा कि सांसद रहूं न रहूं, लेकिन आरक्षण खत्म नहीं होने दूंगी। उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म करने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। जबकि अभी भी दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक तबके के 60 फीसदी से अधिक लोग आरक्षण के लाभ से वंचित हैं।
आजादी के 70 साल बीत रहे हैं। लेकिन अब तक रोस्टर जारी नहीं हुआ। आए दिन आरक्षण प्रतिशत के नाम पर राजनीतिक दल छल रहे हैं। अब यह नहीं चलने दिया जाएगा। समानता का अधिकार हर वर्ग को चाहिए। उसी के लिए आरक्षण जरूरी है। आज भी दलितों की हालत दयनीय है। पिछड़े वर्ग के लोग भी परेशान हैं।
आरक्षण के नाम पर दूसरे प्रदेशों में सिर्फ अपने को प्रचारित प्रसारित करने के साथ ही स्वार्थ की राजनीति की जा रही है। ऐसे में नानपारा से पूरे देश में आरक्षण संरक्षण का बिगुल फूंका गया है। यूपी के साथ ही सभी प्रदेशों में कार्यक्रमों का आयोजन कर आरक्षण बचाने की मुहिम चलेगी।
राजनीतिक दलों के लोग भी सकते में दिखे...
नानपारा के अंबेडकर परिवर्तन पार्क में आयोजित संविधान व आरक्षण बचाओ महासम्मेलन हार्दिक पटेल की तर्ज पर आयोजित दिखा। राजनीतिक दलों के लोग भी सकते में दिखे। आयोजन के अलग-अलग निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं।
खचाखच भरा रहा मैदान, पुलिस को छूटे पसीने
प्रशासन के मुताबिक नानपारा के अंबेडकर परिवर्तन पार्क की क्षमता 50 हजार नागरिकों की है। लेकिन इस पार्क के अंदर जितनी भीड़ थी। उससे कम भीड़ बाहर नहीं थी। जिसके चलते सभास्थल पर तैनात जिले की पुलिस व पीएसी के अधिकारियों तथा जवानों के पसीने छूटे।
'चाहे मेरी सरकार हो या दूसरे की, सभी को ध्यान देना होगा'
आरक्षण दबे, कुचले और असहाय वर्ग का अधिकार है। उसी के लिए संघर्ष कर रही हूं। सदन में आवाज उठाई है। संविधान में भी दबे, कुचलों के उत्थान की व्यवस्था है। उसी की मांग कर रही हूं। किसी भी सरकार से दुश्मनी नहीं है। यह कहना है सांसद सावित्रइबाईफुले का।
नानपारा के अंबेडकर परिवर्तन पार्क में बुधवार को हुई आरक्षण संरक्षण महा सम्मेलन के बाद अमर उजाला से बातचीत के दौरान सावित्रीबाईफुले ने कहा कि मैं भाजपा की सांसद हूं। इसका मुझे गर्व है। लेकिन सरकारों से मेरी कोई दुश्मनी नहीं है। प्रदेश और केंद्र में मेरी सरकार है। इसके पूर्व में भी सरकारें देश चलाती रही हैं। लेकिन हालात यह हैं कि आज भी दलित, अपने हक और अधिकार के लिए भटक रहे हैं।
इसी के चलते नमो बुद्धाय जनसेवा समिति के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आरक्षण और संविधान को संरक्षित करने के लिए हुंकार भरी है। यह हुंकार सदन में भी भर चुकी हूं। लेकिन आश्वासन भर मिला। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्ग को आरक्षण संविधान कोटे के अनुरूप मिलना चाहिए। इसकी पैरवी कर रही हूं, लेकिन इसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर चाहे मेरी सरकार हो या दूसरे की, सभी को ध्यान देना होगा।