सत्ता के लिए लालू यादव के बेटे ने नक्सलियों से समझौता किया: सांसद मनोज तिवारी
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फिल्मी रामलीला में अंगद की भूमिका निभाने आए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार में दो पक्षीय लड़ाई है। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने जिस माले से समझौता किया है, वो नक्सली लोग हैं। एनडीए गठबंधन पिछली बार से कहीं अधिक सीटें जीतेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बहुत नाराज हैं, क्योंकि बिहार अब शांति के रास्ते पर निकल पड़ा है। वह मारकाट और नक्सलवाद में नहीं जाना चाहता और कांग्रेस भी उनके साथ है। वही कांग्रेस जिसने सुशांत सिंह राजपूत के केस में एक एफआईआर तक नहीं होने दी। वह सीबीआई जांच का भी विरोध कर रहे हैं। आज भी उन्होंने सीबीआई के लिए तमाम तरह की अड़चनें लगाईं हैं। ऐसे गठबंधन को बिहार जवाब देगा ही।
उन्होंने कहा कि रामलीला को बचाना बहुत जरूरी है। हमारे देश में इतने लोग साक्षर ही नहीं थे तो रामायण पढ़े कैसे होंगे, फिर भी राम जी घर-घर में हैं। सीता जी की मर्यादा घर-घर में है। रावण के अहंकार से भी हर कोई सावधान है तो रामलीला का जितना प्रचार-प्रसार हो सके, मैं उसी भूमिका में हूं। मैं रामलीला का प्रचार-प्रसार कर रहा हूं। दुनिया भर में लोग जाने कि भारत की संस्कृति भगवान राम की संस्कृति है और रावण की संस्कृति से हमेशा दूर रहना है।
राम की मर्यादा समझने वालों को भाजपा अच्छी पार्टी लगेगी
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जिसने रामायण को अच्छे से पढ़ लिया और मन में उतार लिया और वह समाज सेवा में है, राजनीति में है तब वह फिर बीजेपी जॉइन कर लेगा। मैंने ऐसा इसलिए कहा कि जब आप राम की मर्यादा को समझेंगे तो फिर आप को भारतीय जनता पार्टी से अच्छी कोई पार्टी नहीं लगेगी और वह निश्चित रूप से मोदी जी के साथ चला जाएगा।