उन्नाव केस : एडीजी और एसआईटी ने पीड़ित परिवार से दो घंटे तक की बात, सीएम को सौंपेंगे रिपोर्ट
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लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्णा बुधवार सुबह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के साथ उन्नाव स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। एडीजी और एसआईटी ने दो घंटे से भी ज्यादा समय तक पीड़िता और उसके परिवारीजनों से बात की। विधायक पक्ष के भी पांच लोगों से पूछताछ बात की गई।
इसके बाद एडीजी और एसआईटी ने माखी थाने में उन्नाव के डीएम रवि कुमार एनजी. और एसपी पुष्पांजलि से भी मीटिंग की। पीड़ित पक्ष को जांच के लिए गांव लाया गया था। जांच के बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर उन्नाव में बड़ा चौराहा स्थित एक होटल में शिफ्ट करा दिया है।
एडीजी राजीव कृष्णा ने मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि हमने हर पहलुओं पर जांच की है। बुधवार शाम तक राज्य सरकार को अंतरिम रिपोर्ट भेज देंगे। उन्होंने कहा कि एसआईटी पर कोई दबाव नहीं है, यह स्वतंत्र रूप से काम कर रही है। एडीजी ने कहा कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि परिवार का एक रिश्तेदार दिल्ली में रहता है, अब ये परिवार का फैसला है कि ये सभी यहीं उन्नाव में रहते हैं या दिल्ली में रहना चाहते हैं।
वहीं, उन्नाव की पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता अनु टंडन और कानपुर से सपा की प्रदेश सचिव नीलम रोमिला सिंह भी पीड़िता के घर पहुंची। इस पर विधायक समर्थकों ने अनु टंडन की गाड़ी का घेराव कर लिया। पुलिस टीम ने जब बताया कि उन्हें होटल में शिफ्ट करा दिया गया है तो तोनों नेता होटल के लिए रवाना हो गईं।
इसके अलावा लखनऊ से सपा की पांच सदस्यीय टीम भी पीड़िता के घर पहुंची लेकिन गांव में न मिलने पर वे सभी होटल चले गए।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सख्त निर्देश दिए थे कि एसआईटी, इस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर मंगलवार शाम तक अपनी रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा है कि इस मामले में दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, मंगलवार को पीड़िता के पिता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के आरोप में विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया था। पहले 323 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, उसमें हत्या की धारा 302 जोड़ दी गई है। इस मामले में चार लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। अतुल सेंगर के पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाले गए हैं।
'मेरे पति दोषी साबित हुए तो पूरा परिवार जीवन त्याग देगा'
भाजपा के आरोपी विधायाक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर ने अपने पति और दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई है। उन्होंने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा है कि अगर मेरे पति दोषी साबित होते हैं तो पूरा परिवार अपना जीवन त्याग देगा। जिस तरह से सुबूत छिपाकर मेरे पति को फंसाया जा रहा है, वह सही नहीं है।
बुधवार सुबह यूपी के डीजीपी ओपी सिंह से संगीता ने अपने पति के लिए इंसाफ की गुहार लगाई। उन्होंने डीजीपी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। डीजीपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। मीडिया से मुखातिब होकर विधायक की पत्नी ने कहा कि मैं यहां सिर्फ अपने पति के लिए न्याय मांगने आई हूं। उन्होंने कहा कि रंजिश के तहत मेरे पति को फंसाया जा रहा है। इसके पीछे राजनीति द्वेष भी एक कारण है।
संगीता ने आरोप लगाया कि जब से ये मामला उठा है तब से मेरे बेटियों को परेशान किया जा रहा है। अभी तक कोई सुबूत भी नीं पेश किया गया, उसके बावजूद मेरे पति को बलात्कारी कहा जा रहा है।
वहीं, दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के घर बुधवार सुबह एडीजी राजीव कृष्णा, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के साथ जांच करने पहुंचे हैं।
थंब इंप्रेशन विधिक प्रक्रिया के तहत
डीआईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस मैसेज को लेकर भी सफाई दी, जिसमें मौत से पहले पीड़िता के पिता के अंगूठे के निशान लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान बाएं अंगूठे का निशान लिया जाता है। यह वीडियो उसी समय का है।
न्यायिक अभिरक्षा में मौत के मामले में जेल विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी गई है। जेल विभाग के डीआईजी लव कुमार मंगलवार को उन्नाव जेल पहुंचे और उन्होंने वहां के जेलर के साथ साथ जेल चिकित्सालय के डाक्टरों और बंदी रक्षकों से भी बात की है।
आईजी जेल पीके मिश्रा ने बताया कि न्यायिक अभिरक्षा में मौत के हर मामले की जांच जेल विभाग अपने स्तर से भी कराता है। उन्नाव के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।