सड़क पर चली लाठियां तो सदन में उबल पड़े भाजपाई
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर सोमवार को विधानमंडल के बाहर लाठीचार्ज के विरोध में विधानसभा व विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ।
भाजपा विधायकों ने वैल में आकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों सदनों की कार्रवाई मंगलवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विधानसभा में भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना ने शून्य प्रहर में तात्कालिक महत्व का मुद्दा बताते हुए भाजयुमो कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का मामला उठाया। साथ ही उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हो गई। भाजपा के राधा मोहन दास ने पूर्वांचल की बदहाली के मुद्दे पर दिए गए कार्यस्थगन पर बोलना प्रारंभ ही किया था कि महाना ने लाठीचार्ज का मामला फिर उठा दिया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के बाहर अभी भी लाठीचार्ज जारी है। इस बीच भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश अग्रवाल, रवींद्र भड़ाना, धर्मपाल सिंह, ज्योत्सना श्रीवास्तव, उपेंद्र तिवारी आदि वैल में आ गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद अन्य भाजपा विधायक भी वैल में आकर धरने पर बैठ गए। सुरेश खन्ना ने कहा कि लाठीचार्ज का कोई औचित्य नहीं था। जिन अधिकारियों ने लाठीचार्ज कराया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बजट पर ही उठा दिया सवाल
हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद ने 1.15 बजे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसे फिर दस मिनट के लिए बढ़ा दिया।
फिर सदन का स्थगन दो बजे तक कर दिया गया। दो बजे बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई तो भाजपा विधायक वैल में धरने पर बैठे नारेबाजी कर रहे थे।
अध्यक्ष ने दुग्ध विकास मंत्री को अपने विभाग का बजट पेश करने को कहा। सतीश महाना ने कहा कि निरीह लोगों पर लाठियां बरस रही है, ऐसे में बजट रखने का औचित्य नहीं है।
हंगामा जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष ने 2.18 बजे सदन की कार्यवाही मंगलवार सवेरे 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
उधर विधान परिषद में भी भाजपा के सदस्यों ने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का विरोध किया।
दिन भर होता रहा हंगामा
शून्य प्रहर में सदन में भाजपा विधायक दल के नेता हृदयनारायण दीक्षित ने यह मामला उठाया। कहा कि जिस तरह प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई गई हैं। उससे साफ हो गया कि सरकार लाठी गोली से लोगों की आवाज दबाना चाहती है।
दीक्षित ने इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर पूरे मामले को सुनने की मांग की। सभापति गणेश शंकर पांडेय ने कहा कि यह मामला मंगलवार को नियम 105 के तहत कार्यस्थगन सूचना में दे दें। नेता सदन अहमद हसन ने भाजपा का विरोध किया।
इस बीच भाजपा के सदस्य सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। सभापति ने भोजनावकाश 3 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी। भोजनावकाश के बाद जब सदन बैठा तो भाजपा ने फिर यह मुद्दा उठाया।
अधिष्ठाता डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने भी इस विषय को सुनने की अनुमति नहीं दी। भाजपा के सदस्य फिर वेल में आ गए। आखिरकार अधिष्ठाता ने कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।