UP: खुद जमीन पर आया भाजपा नेतृत्व, करेगा दावों की जांच!
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भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने अब सदस्यता अभियान की जमीनी सच्चाई परखने का फैसला किया है। इसके लिए प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रवासियों व प्रभारियों को दूसरे जिले में भेजा जाएगा। उनके फीडबैक के आधार पर सदस्यता अभियान की समीक्षा करके आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
इसकी शुरुआत एक से चार मार्च तक जिलों की बैठकों से होगी। जिले में सदस्यता की पूरी तस्वीर रखने के लिए सभी को अपने-अपने क्षेत्र की बूथवार सदस्यता का आंकड़ा लेकर बैठक में आने को कहा गया है।
दरअसल, भाजपा नेतृत्व के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि सदस्यता अभियान में संख्या के दबाव के चलते कई जगह कागजों पर ही काम हो रहा है। कई बूथों पर सदस्य नहीं बनाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन शिकायतों पर पार्टी हाईकमान के भी कान खड़े हुए और उसने प्रदेश नेतृत्व को सच्चाई परखने की सलाह दी। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों व प्रवासियों को दूसरे स्थानों पर भेजकर सच्चाई का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी खुद तीन मार्च को सीतापुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय सदस्यता प्रमुख डॉ. दिनेश शर्मा चार मार्च को गाजियाबाद महानगर, प्रदेश महामंत्री व प्रदेश सदस्यता प्रमुख स्वतंत्रदेव सिंह दो मार्च को बाराबंकी और तीन मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र वाराणसी में सदस्यता की सच्चाई जांचेंगे।
दो मार्च को सह सदस्यता प्रमुख जेपीएस राठौर इलाहाबाद, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह लखनऊ, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ल बलरामपुर, विधान मंडल दल के नेता सुरेश खन्ना मुरादाबाद महानगर, प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक सुल्तानपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष टंडन गोपाल आगरा महानगर व जिला, क्षेत्र संगठन मंत्री अशोक तिवारी लखीमपुर खीरी, तीन मार्च को प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल फैजाबाद, पूर्व क्षेत्र संगठन मंत्री जयप्रकाश चतुर्वेदी मिर्जापुर, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ल बहराइच में बैठकों में रहेंगे।
दो पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी जिम्मा
बहुत दिनों से पार्टी के कामकाज से दूर रखे जा रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्षों पर भी सदस्यता की जांच-परख की जिम्मेदारी डाली गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही को 1 मार्च को उन्नाव और ओमप्रकाश सिंह को तीन मार्च को कानपुर महानगर भेजने का फैसला किया गया है।
सह सदस्यता प्रमुख जेपीएस राठौर ने डॉ. रमापति राम त्रिपाठी से भी संपर्क किया था, लेकिन उनके बाहर होने के कारण उन पर अभी कहीं की जिम्मेदारी नहीं डाली गई है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विनय कटियार का नाम भी फिलहाल इस सूची में शामिल नहीं है।