केंद्र सरकार के बचाव में उतरेंगे बड़े भाजपा नेता
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भाजपा ने भूमि अधिग्रहण व किसानों से जुडे़ अन्य मुद्दों पर घिरी केंद्र सरकार के बचाव में उतरने का फैसला किया है। तय किया गया है कि जगह-जगह किसान पंचायतें करके केंद्र सरकार पर थोपे जा रहे आरोपों की गर्द को झाड़ा जाए।
साथ ही किसानों के बीच जाकर यह संदेश देने की कोशिश की जाए कि केंद्र सरकार किसानों की हमदर्द है। उसे किसानों की कठिनाइयों का पूरा खयाल है।
इस काम में केंद्र से लेकर प्रदेश के नेताओं को भी जुटाने का फैसला किया गया है। अभियान की शुरुआत पश्चिम व पूर्वांचल से करने की तैयारी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 अप्रैल को पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी का कार्यक्रम तय किया गया है। गडकरी बेमौसम बरसात से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेंगे। साथ ही कुछ ऐसे परिवारों से भी मुलाकात करेंगे जो बरसात व ओलों से तबाह हो गए हैं।
पूर्वांचल में किसानों से बात करेंगी सुषमा स्वराज
पूर्वांचल में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आने का कार्यक्रम है। हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसी तरह कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, केंद्रीय पंचायती राज मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह, किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनकर व प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के कार्यक्रम तय हो रहे हैं।
इसके अलावा प्रदेश से जुड़े केंद्रीय मंत्रियों के भी कार्यक्रम रखे जा रहे हैं। योजना बनाई गई है कि इस अभियान के जरिये भाजपा संगठन व सरकार की एकजुटता प्रदर्शित की जाए। साथ ही तर्कों के जरिये यह साबित किया जाए कि मोदी सरकार की किसान विरोधी छवि बनाने के पीछे बड़ा षड्यंत्र है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर विपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे सवाल निराधार हैं। उप्र सरकार के इन आरोपों में भी कोई दम नहीं है कि दैवी आपदा के चलते किसानों की मौत व उन्हें हुए नुकसान पर आंसू पोंछने में केंद्र सरकार की तरफ से हीलाहवाली हो रही है।
साहित्य छपवाकर भी लोगों को किया जाएगा सूचित
लोगों के बीच तार्किक रूप से अपनी बात रखने के लिए पार्टी ने साहित्य भी छपवाने का फैसला किया है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल तोमर बताते हैं कि पहले चरण में मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद, बागपत, अलीगढ़, सहारनपुर, बरेली, बदायूं और बृज क्षेत्र में किसान पंचायतें होंगी।
यह कार्यक्रम 17 अप्रैल से पहले पूरा कर लेने का फैसला हुआ है। इसके बाद पूर्वांचल में पंचायतें आयोजित की जाएंगी।