भाजपा नेता ने ये कहकर कुरेदे मायावती के जख्म!
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लोकसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में नाकाम रहने वाली बसपा के जख्मों को कुरेदते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने मायावती पर निशाना साधा है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान मायावती के बारे में कहा कि ‘मौजूदा परिणामों से स्व. कांशीराम जी की आत्मा बहुत प्रसन्न होगी।’
हालांकि उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई। वाजपेयी ने कहा कि बसपा के लिए इतना ही पर्याप्त है। जिसके लिए कहा है, वह पूरी बात समझ लेंगी।
जहां तक भाजपा की बात है तो वह पूरी तरह जमीन पर है। लोकसभा में मिली एकतरफा जीत से पार्टी को कोई गलतफहमी या अति आत्मविश्वास नहीं है।
गठबंधन पर ये था माया का रूख
गौरतलब है कि मायावती ने चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में कहा था कि भले ही कोई भी पार्टी भाजपा को समर्थन दे लेकिन वह न तो भाजपा के साथ हैं और न ही होंगी।
वहीं जब चुनाव परिणाम आए तो प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से बसपा एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही।
जिस पर भाजपा नेता चुटकी ले रहे हैं। खास बात यह थी कि बसपा का परंपरागत वोट भी खिसक गया और भाजपा ने अप्रत्याशित जीत दर्ज की।
वहीं वाजपेयी ने सपा की वर्तमान सरकार पर भी अपना रूख रखा और कहा कि भाजपा सत्ता हथियाने के लिए कोई अलोकतांत्रिक कदम नहीं उठाएगी।
भाजपा भंग नहीं करेगी यूपी विधानसभा
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की विधानसभा की लगभग पौने चार सौ सीटों पर करारी हार हुई है।
सपा को अब नया जनादेश लेना चाहिए। पर, जहां तक भाजपा की भूमिका का सवाल है तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनने वाली केंद्र सरकार अखिलेश सरकार के खिलाफ कोई अलोकतांत्रिक कदम नहीं उठाएगी।
भाजपा न इस सरकार को अस्थिर करने के मूड में है और न इसके खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 356 का प्रयोग करने के पक्ष में है। भाजपा को कोई जल्दबाजी नहीं है।
जहां तक प्रदेश में खाली हुई विधानसभा की सीटों के उपचुनाव की बात है तो इस सिलसिले में पार्टी एक सप्ताह बाद प्रत्याशी चयन का काम शुरू कर देगी।
विधानसभा चुनाव के लिए काम होगा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के आम चुनाव के लिए पार्टी 350 सीटों पर जीत के लिए काम शुरू करेगी। इसके लिए पूरी रणनीति तैयार की जाएगी।
इस सिलसिले में केंद्र में सरकार बनने के बाद काम शुरू हो जाएगा। मतदाताओं से लगातार संवाद व संपर्क होगा तो सड़क पर सपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष होगा।
मुख्यमंत्री में बदलाव आत्मघाती
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद से हटाने के सवाल पर कहा कि वैसे तो यह सपा का अंदरूनी मामला है। पर, हमारी समझ से तो सपा के लिए यह आत्मघाती कदम होगा। इसलिए वह ऐसा क्यों करेगी।
कहा कि त्यागपत्र देना या न देना पूरी तरह सपा नेताओं के विवेक व नैतिकता पर निर्भर है। पर, मेरी मांग है कि अखिलेश यादव को त्यागपत्र देकर नया जनादेश लेना चाहिए।
वाजपेयी ने बताया कि विधायकों के सांसद चुन लिए जाने से विधानसभा में खाली हुई पार्टी की सभी 12 सीटों के उपचुनाव के लिए प्रत्याशी चयन की कवायद एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी।
वहीं, मुलायम सिंह यादव जिस भी सीट से त्यागपत्र देते हैं, पार्टी वहां पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। सभी सीटें वापस लाने की कोशिश होगी।
एक वर्ग को सपा की तवज्जो
कहा कि सपा के लोगों में भी मुलायम व अखिलेश के एक वर्ग विशेष को तवज्जो देने पर चिंता है।
मुलायम लोकसभा की आजमगढ़ सीट छोड़ते हैं तो रमाकांत यादव ही चुनाव लड़ेंगे। अगर वह मैनपुरी छोड़ते हैं तो नया चेहरा मैदान में उतारा जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ और मैनपुरी से लोकसभा चुनाव मैदान में थे, उन्होंने दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की।