भाजपा- सपा की मिलीभगत का परिणाम है वाराणसी कांड: रिपोर्ट
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वाराणसी में हिंसक घटना के लिए कांग्रेस ने सपा व भाजपा दोनों को दोषी ठहराया है। कांग्रेस जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि वाराणसी की घटना भाजपा और सपा की मिलीभगत का परिणाम है।
ये दोनों पर्दे के पीछे हाथ मिलाये हुए हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए सपा सरकार ने कांग्रेस विधायक अजय राय को झूठे मुकदमें में फंसाकर रासुका लगाई है।
वाराणसी में मामले की शुरुआत गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज से हो गई थी। इसके बाद पांच अक्तूबर को संतों द्वारा निकाली गई अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हिंसक घटना हो गई।
कांग्रेस ने बनाई थी तीन सदस्यीय समिति
इसी में कांग्रेसी विधायक अजय राय की गिरफ्तारी के साथ ही रासुका लगाई गई है। कांग्रेस ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी।
इसमें कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, श्रीप्रकाश जायसवाल एवं प्रदीप जैन आदित्य शामिल हैं। जांच दल ने 16 अक्तूबर को वाराणसी जाकर पड़ताल की। अब यह रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को सौंप दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ प्रिय श्रीवास्तव ने कहा, यदि प्रदेश सरकार वाराणसी कांड से सबक लेती तो त्योहार पर कई जनपदों में सांप्रदायिक घटनाएं न होतीं। अब तक विभिन्न जिलों में हुईं सांप्रदायिक घटनाएं प्रदेश सरकार की लापरवाही एवं अक्षमता को उजागर करती हैं।