विमान के इंजन में फंसी चिड़िया, बड़ा हादसा टला
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आमौसी एयरपोर्ट पर शुक्रवार को इंडिगो एयरलाइंस के विमान के इंजन में चिड़िया फंसने से हादसा होते-होते बचा। विमान में उस समय करीब 150 यात्री सवार थे। दिल्ली जा रही इस फ्लाइट को हादसे के बाद करीब छह घंटे की देरी से रवाना किया जा सका।
सुबह 11 बजे एयरपोर्ट के रनवे से इंडिगो एयरलाइंस के विमान (6ई-147) को उड़ान भरनी थी। दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले रनवे पर ही इंजन में चिड़िया फंस गई। पायलट ने समझदारी दिखाते हुए विमान को रोक लिया।
इसकी जानकारी एयरपोर्ट व एयरलाइंस के अधिकारियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी रनवे पर पहुंच गए। इसके बाद विमान की जांच की गई। जांच के बाद विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया।
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक 150 यात्रियों के साथ उड़ान भरने वाले विमान में हादसा पायलट की वजह से ही टल सका। इसके बाद विमान को आनन-फानन रनवे से वापस टैक्सी-वे पर लाया गया।
इंजीनियरों की टीम ने विमान के इंजन में फंसी चिड़िया को निकालने के बाद उसकी मरम्मत की। आधा दर्जन इंजीनियरों ने मरम्मत के बाद इसकी तकनीकी जांच करने के बाद ही उड़ान की अनुमति दी। इसके बाद शाम को विमान रवाना हो सका।
सुतली बम से उडाई जाती चिड़िया
एयरपोर्ट से विमान को सुबह 11 बजे उड़ान दिल्ली के लिए भरनी थी। चिड़िया फंसने के बाद इंजन में तकनीकी खराबी सही करने में करीब छह घंटे लग गए। इसके बाद शाम पांच बजे फ्लाइट को रवाना किया जा सका। हालांकि इसके बाद भी करीब 150 यात्रियों की जान बच गई।
विमान के उड़ान भरने से पहले सुतली बम फोड़कर चिड़ियों को रनवे के पास से हटाया जाता है। यह विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उपयोग किया जाता है। शुक्रवार को भी ऐसा किया गया। इसके बाद भी चिड़िया इंजन में फंस गई।
इस घटना पर अमौसी एयरपोर्ट के निदेशक एससी होता का कहना है कि चिड़िया फंसने की जानकारी मिलने के बाद तुरंत अधिकारी रनवे पर पहुंच गए। इसके बाद इंजीनियरों ने चिड़िया निकालने और तकनीकी खामी को दूर कर विमान को शाम के समय दिल्ली के लिए रवाना किया।