{"_id":"5a192c514f1c1bca678bd975","slug":"bike-driver-and-two-children-died-in-accident-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्कूल न छूटे इसलिए एक ही बाइक पर बैठा दिए तीन बच्चे, डंपर की टक्कर से हुयी दो बच्चों की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्कूल न छूटे इसलिए एक ही बाइक पर बैठा दिए तीन बच्चे, डंपर की टक्कर से हुयी दो बच्चों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Nov 2017 03:18 PM IST
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बच्चों की मौत की खबर पहुंचने पर घर में मचा कोहराम
- फोटो : amarujala
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लखनऊ में बंथरा की बनी-मोहान रोड पर शुक्रवार सुबह बेकाबू डंफर की टक्कर से बाइक चालक और उसके साथ बैठे दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, एक किशोरी अस्पताल में मौत से जूझ रही है। बच्चों का स्कूल न छूटे इसलिए पिता ने तीनों को अपने परिचित की एक ही बाइक पर बैठा दिया था। हादसे के दौरान बाइक और चालक डंफर में फंसकर 100 मीटर तक घिसटते रहे।
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वहीं, चालक के नियंत्रण खोने से डंफर सड़क से उतरकर पलट गया। पुलिस ने डंफर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बाइक उन्नाव के हसनगंज स्थित शंकरपुर मोहान गांव का 45 वर्षीय किसान अवध प्रकाश रावत चला रहा था। बृहस्पतिवार शाम वह नीवा गांव शादी में आया था। शुक्रवार सुबह आठ बजे अवध घर लौट रहा था तभी बंथरा के रामदासपुर के किसान मेवालाल रावत से मुलाकात हो गई।
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उन्होंने घर छोड़ने की बात कहते हुए बेटी अर्चना उर्फ सपना (14), कल्पना उर्फ बिट्टू (13) व नौ वर्षीय बेटे निखिल को उसकी बाइक पर बैठा दिया। बनी-मोहान रोड पर नरेरा स्थित नगवा नाला पुल के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंफर ने बाइक पर टक्कर मार दी। बाइक का हैंडल और अवध प्रकाश डंफर में फंस गए, जबकि बच्चे उछलकर सड़क पर गिर पड़े।
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हादसे से घबराया डंफर चालक वाहन लेकर भागने लगा। इस दौरान बाइक और अवध प्रकाश करीब 100 मीटर दूर तक साथ घिसटते चले गए। डंफर सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसे में अवध प्रकाश, कल्पना और निखिल की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने डंफर चालक कानपुर के बिधूना निवासी तारिक को दबोच लिया।
बच्चों की जिद के चलते बाइक पर भेजा
हादसे की खबर सुनकर गांव में छाया मातम
- फोटो : amarujala
पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और अवध प्रकाश व तीनों बच्चों को अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अर्चना को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।मेवालाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसकी भतीजी मंजू की शादी थी। वह पत्नी किरन और बच्चों अर्चना, कल्पना, निखिल व पांच वर्षीय प्रिंस के साथ शादी में गया था। परिवार रातभर शादी में रुका।
बकौल मेवालाल रात को अर्चना, कल्पना और निखिल ने सुबह जल्द घर चलने की बात कही थी, जिससे स्कूल न छूट जाए। अर्चना हरौनी स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा है। कल्पना और निखिल अमावां स्थित श्री गांधी आदर्श विद्यालय स्कूल में कक्षा सात व कक्षा एक में पढ़ते थे।
सुबह उठते ही तीनों ने स्कूल जाने की जिद कर दी। इस पर मेवालाल ने उन्हें अवध प्रकाश के साथ उसकी बाइक से भेज दिया। अवध प्रकाश उसके उन्नाव निवासी साले के घर के पड़ोस में रहता था। मंजू के परिवारीजन उसकी विदाई की तैयारी कर रहे थे तभी हादसे की खबर आ गई।
हंसी-खुशी के माहौल में मातम छा गया। मेवालाल और किरन बेसुध होकर गिर पड़े। वहीं, अवध प्रकाश की पत्नी राधा, 12 वर्षीय बेटा संतोष, बेटी कोमल और दस साल का अखिलेश रोते हुए अस्पताल पहुंचे। रामदासपुर गांव में भी सन्नाटा छा गया। दो परिवारों में मौत पर बंथरा पुलिस की संवेदनहीनता से लोगों में आक्रोश दिखा।
बकौल मेवालाल रात को अर्चना, कल्पना और निखिल ने सुबह जल्द घर चलने की बात कही थी, जिससे स्कूल न छूट जाए। अर्चना हरौनी स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा है। कल्पना और निखिल अमावां स्थित श्री गांधी आदर्श विद्यालय स्कूल में कक्षा सात व कक्षा एक में पढ़ते थे।
सुबह उठते ही तीनों ने स्कूल जाने की जिद कर दी। इस पर मेवालाल ने उन्हें अवध प्रकाश के साथ उसकी बाइक से भेज दिया। अवध प्रकाश उसके उन्नाव निवासी साले के घर के पड़ोस में रहता था। मंजू के परिवारीजन उसकी विदाई की तैयारी कर रहे थे तभी हादसे की खबर आ गई।
हंसी-खुशी के माहौल में मातम छा गया। मेवालाल और किरन बेसुध होकर गिर पड़े। वहीं, अवध प्रकाश की पत्नी राधा, 12 वर्षीय बेटा संतोष, बेटी कोमल और दस साल का अखिलेश रोते हुए अस्पताल पहुंचे। रामदासपुर गांव में भी सन्नाटा छा गया। दो परिवारों में मौत पर बंथरा पुलिस की संवेदनहीनता से लोगों में आक्रोश दिखा।
कोहरे- तेज रफ्तार के चलते हुआ हादसा
टक्कर मारने के बाद बेकाबू डंपर पलट गया
- फोटो : amarujala
पुलिस ने शव सील करने को मृतकों के परिवारीजनों से ही कपड़ा, मोमबत्ती, सुई-धागा और माचिस मंगाई। लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिसवालों ने डांट कर चुप करा दिया। बनी-मोहान रोड पर हादसे की वजह कोहरा और तेज रफ्तार थी। लोगों ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ है, वह खुली और हरी-भरी है। शुक्रवार सुबह उस मार्ग पर काफी कोहरा था।
वहीं,डंफर की गति भी काफी तेज थी। एएसपी ट्रैफिक रवि शंकर निम का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात विभाग के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगती। यह तब है जब विभाग ने ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। बकौल एएएपी, वहां यातायात संचालित करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होती है।
ट्रैफिक पुलिस सिर्फ शहरी क्षेत्रों में ही यातायात का संचालन व निगरानी करती है। कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान भी चालक हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगा रहे। कार्रवाई के साथ समझाया भी जा रहा, लेकिन लोग अपने जीवन की सुरक्षा को लेकर भी सजग नहीं हैं।
वहीं,डंफर की गति भी काफी तेज थी। एएसपी ट्रैफिक रवि शंकर निम का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात विभाग के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगती। यह तब है जब विभाग ने ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। बकौल एएएपी, वहां यातायात संचालित करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होती है।
ट्रैफिक पुलिस सिर्फ शहरी क्षेत्रों में ही यातायात का संचालन व निगरानी करती है। कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान भी चालक हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगा रहे। कार्रवाई के साथ समझाया भी जा रहा, लेकिन लोग अपने जीवन की सुरक्षा को लेकर भी सजग नहीं हैं।