{"_id":"60bbdfba8ebc3e7fff614518","slug":"bike-boat-scam-lko-city-news-lko58115470","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइक बोट घोटाला : ईओडब्ल्यू की मेरठ यूनिट ने आरोपियों से की पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइक बोट घोटाला : ईओडब्ल्यू की मेरठ यूनिट ने आरोपियों से की पूछताछ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। बाइक बोट घोटाले से जुड़ी 143 बाइकें लखनऊ पुलिस ने मोहनलालगंज, निगोहां और कैंट इलाके से बरामद की हैं। वहीं 10 बाइक इस मामले से जुड़ी नहीं हैं। बाइक को यहां छिपाकर रखने वाले फ्रेंचाइजी संचालक अमित अग्रवाल और उनके साझीदार कुलदीप शुक्ला से कमिश्नरेट पुलिस ने रात में काफी देर तक पूछताछ की थी। वही शनिवार सुबह ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की मेरठ यूनिट पहुंच गई थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू की मेरठ यूनिट की टीम ने प्रदेश के 10 जिलों के पुलिस अधिकारियों से इस मामले में सहयोग मांगा था।
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, इस मामले में ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। मेरठ यूनिट की टीम ने लखनऊ सहित प्रदेश के 10 जिलों दे कमिश्नर और एसएसपी से बाइक बोट घोटाले से जुड़ी बरामदगी कराने का सहयोग मांगा था। इसी कड़ी में शुक्रवार को पीजीआई थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने निगोहां, मोहनलालगंज और कैंट इलाके में छापेमारी की। पीजीआई पुलिस ने बरामद बाइक और हिरासत में लिए गए अमित अग्रवाल और कुलदीप शुक्ला को ईओडब्ल्यू के सुपुर्द कर दिया है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई वही करेंगे।
एक फीसदी कमीशन पर ली थी फ्रेंचाइजी
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बाइक बोट के नाम पर 4200 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड ने लखनऊ में फ्रेंचाइजी के लिए अमित अग्रवाल से संपर्क किया था। अमित अग्रवाल ने एक फीसदी कमीशन पर फ्रेंचाइजी ली थी जिसके लिए 35 लाख रुपये भी जमा किए थे। पूछताछ में अमित अग्रवाल ने बताया कि बाइक खरीदने के कुछ दिन बाद ही डिलीवरी देनी थी। लेकिन इसके पहले इस घोटाले का खुलासा हो गया तब से बाइक पड़ी हैं। करोड़ों रुपये के इस घोटाले के मामले में गोमतीनगर व गोमतीनगर विस्तार थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, इस मामले में ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। मेरठ यूनिट की टीम ने लखनऊ सहित प्रदेश के 10 जिलों दे कमिश्नर और एसएसपी से बाइक बोट घोटाले से जुड़ी बरामदगी कराने का सहयोग मांगा था। इसी कड़ी में शुक्रवार को पीजीआई थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने निगोहां, मोहनलालगंज और कैंट इलाके में छापेमारी की। पीजीआई पुलिस ने बरामद बाइक और हिरासत में लिए गए अमित अग्रवाल और कुलदीप शुक्ला को ईओडब्ल्यू के सुपुर्द कर दिया है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई वही करेंगे।
विज्ञापन
एक फीसदी कमीशन पर ली थी फ्रेंचाइजी
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बाइक बोट के नाम पर 4200 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड ने लखनऊ में फ्रेंचाइजी के लिए अमित अग्रवाल से संपर्क किया था। अमित अग्रवाल ने एक फीसदी कमीशन पर फ्रेंचाइजी ली थी जिसके लिए 35 लाख रुपये भी जमा किए थे। पूछताछ में अमित अग्रवाल ने बताया कि बाइक खरीदने के कुछ दिन बाद ही डिलीवरी देनी थी। लेकिन इसके पहले इस घोटाले का खुलासा हो गया तब से बाइक पड़ी हैं। करोड़ों रुपये के इस घोटाले के मामले में गोमतीनगर व गोमतीनगर विस्तार थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन