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UP News: देश को टेक्सटाइल हब बनाने में यूपी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका, पांच साल में 7500 करोड़ निवेश का लक्ष्य
Mon, 24 Apr 2023 03:31 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 24 Apr 2023 03:31 PM IST
सार
देश को टेक्सटाइल का हब बनाने में यूपी की बड़ी भूमिका होगी। इसके लिए भारी भरकम निवेश का लक्ष्य रखा गया है। अगले पांच साल में इस क्षेत्र में करीब 7500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। इससे करीब पांच लाख रोजगार पैदा होंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केंद्र सरकार की मंशा है कि आने वाले कुछ वर्षों में भारत ग्लोबल टेक्सटाइल का हब बने। इसके लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा गया है। मसलन केंद्र की मंशा 2030 तक 100 अरब डॉलर (लगभग 8250 अरब रुपये) का वस्त्र निर्यात का है। इधर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी प्रदेश में वस्त्र उद्योग की बेहद संपन्न एवं शानदार विरासत के मद्देजर यूपी को देश के टेक्सटाइल इंडस्ट्री का हब बनाने को प्रतिबद्ध है।
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डबल इंजन की सरकार की प्रतिबद्धता के नाते इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहल भी हो चुकी है। प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र एवं परिधान (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ-हरदोई में एक हजार एकड़ में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की घोषणा और घोषणा के चंद दिनों के भीतर ही यहां लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग एवं कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री विक्रम जरदोश की मौजूदगी में हुआ एमओयू इसका प्रमाण है।
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उल्लेखनीय है कि वस्त्र उद्योग की बेहद सम्पन्न परंपरा के अनुसार योगी सरकार की मंशा उत्तर प्रदेश को वस्त्र उद्योग ( टेक्सटाइल इंडस्ट्री) के क्षेत्र में देश का हब बनाने की है। इस क्षेत्र में अब तक किए गए प्रयास और पॉलिसी मैटर के जो प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं। उन्होंने इस सेक्टर के निवेशकों को इस ओर आकर्षित किया है।
जीबीसी में मिले थे 5642 करोड़ रुपये के 46 निवेश प्रस्ताव
यही वजह है कि कुछ महीने पहले राजधानी लखनऊ में सम्पन्न ग्राउंड ब्रेकिंग सरमोनी जीबीसी-3 के दौरान इस सेक्टर के लिए कुल 46 प्रस्ताव मिले। इन प्रस्तावों के जरिए इस सेक्टर में कुल 5642 करोड़ रुपये करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह जीबीसी-3 में 80224 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का सात फीसद है। इन निवेश से प्रदेश के कई जिले आच्छादित होंगे। इन जिलों में लाखों लोंगों को रोजगार भी मिलेगा।
संभावनाओं का क्षेत्र है वस्त्र उद्योग
वस्त्र उद्योग संभावनाओं का क्षेत्र है। इन्वेस्ट इंडिया की रिपोर्ट (जुलाई-2020) के मुताबिक इस सेक्टर में प्रति एक करोड़ के निवेश पर औसतन 70 लोगों को रोजगार मिलता है। भाजपा ने अपने लोककल्याण संकल्पपत्र-2022 में हर परिवार एक रोजगार का लक्ष्य रखा है। संकल्पपत्र में उत्तर प्रदेश को देश का "टेक्सटाइल हब" बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है।
पांच साल में 7500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
इस लक्ष्य को हासिल करने के मद्देनजर इस क्षेत्र की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। इसीलिए हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग ने पांच साल में पांच लाख रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए 7500 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है।
नोएडा में बनेगा अप्रेरल पार्क, आएगा तीन हजार करोड़ का निवेश
योगी सरकार इन सारी संभावनाओं के आधार पर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। देश-दुनिया में पहचान बना चुके रेडीमेड गारमेंट्स के उत्पादन को संगठित रूप देने के लिए सरकार नोएडा में अपैरल पार्क बनाएगी। इस पार्क में रेडीमेड गारमेंट्स की लगभग 115 निर्यातोन्मुखी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य है। एक अनुमान के अनुसार इसमें तीन हजार करोड़ का निवेश आएगा। शीघ्र ही इस बाबत प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुलाई में शिलान्यास और सितंबर 2025 तक सभी इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सरकार की योजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पांच टेक्सटाइल एंड अपैरल बनाने की भी है। इसके लिए अगले साल सितंबर तक जमीन चिन्हित कर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 2026 तक इनमें उत्पादन शुरू कराने का लक्ष्य है।