निकाय स्कूलों में भर्ती पर हुआ बड़ा फैसला!
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निकायों के स्कूलों में अब मनमाने तरीके से भर्तियां नहीं की जा सकेंगी। निकायों को शिक्षा विभाग से अनुमति लेकर और विज्ञापन प्रकाशित करके आवेदन लेना होगा।
इसके बाद ही शिक्षा विभाग इन स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करेगा। इस बारे में शिक्षा विभाग जल्द ही शासनादेश जारी करने वाला है। इसके बाद निकाय स्कूलों में होने वाली भर्तियों में मनमानी पर रोक लग जाएगी।
प्रदेश के निकायों में कुल 78 स्कूल हैं। इसमें नगर निगमों में 34, पालिका परिषदों में 42 और नगर पंचायतों में दो स्कूल हैं।
निकाय के स्कूलों को माध्यमिक शिक्षा या बेसिक शिक्षा विभाग से अनुदान मिलता है। यानी इन स्कूलों में तैनात होने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को शिक्षा विभाग से ही वेतन मिलता है।
इसलिए शिक्षा विभाग ने उठाया सवाल
इसके बावजूद निकाय शिक्षकों या शिक्षणेत्तर कर्मियों की भर्ती अपने हिसाब से कर लेते हैं और इसकी जानकारी समय से शिक्षा विभाग को नहीं देते।
शिक्षा विभाग का मानना है कि जब वेतन उनके यहां से दिया जाता है तो शिक्षकों या शिक्षणेत्तर कर्मियों की भर्तियां शुरू करने से पहले इसकी अनुमति ली जाए। चयन के लिए बनने वाली समिति में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी रखा जाए।
इसके बाद संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारी से अनुमोदन लेकर नियुक्ति दी जाए। नियमत: निकायों को इस नियम का पालन करना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं है।
इसलिए शिक्षा विभाग अब इसे अनिवार्य करने जा रहा है जिससे निकाय स्कूलों में मनमाने ढंग से होने वाली नियुक्तियों पर रोक लगाई जा सके।