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एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ आज भारत बंद, कई संगठनों का समर्थन

Thu, 06 Sep 2018 09:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 06 Sep 2018 09:22 AM IST
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'bharat bandh' over SC/ST act
- फोटो : demo
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचर निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) को  फिर लागू करने के खिलाफ बृहस्पतिवार को भारत बंद का कई संगठनों ने समर्थन किया है। साथ ही चेताया है कि अगड़ों व पिछड़ों के उत्पीड़न के लिए लाए जा रहे इस कानून को वापस न लिया गया तो भाजपा को सबक सिखाया जाएगा। 
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सर्वजन हिताय संरक्षण समिति और भारतीय नागरिक परिषद ने एससी-एसटी एक्ट के साथ ही प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी संघर्ष का एलान किया। वहीं, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने भी इस एक्ट के विरोध में बुधवार को यहां अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। 
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उधर, आरक्षण समर्थकों के संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने वालों की आलोचना की है। साथ ही भाजपा नेता व सांसद कलराज मिश्र के एससी-एसटी एक्ट पर पुनर्विचार वाली संबंधी बयान को बचकाना बताया। जब लोकसभा व राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से इसे पास किया है तो समीक्षा की बात क्यों होनी चाहिए। पुन: समीक्षा की बात दलित समाज के साथ धोखा है।
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विरोधियों का सम्मेलन 28 को, समर्थकों का अभियान 9 से

'bharat bandh' over SC/ST act
प्रमोशन में आरक्षण पर जंग छिड़ने के आसार बनने लगे हैं। प्रमोशन में आरक्षण विरोधियों के संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने इस बाबत रणनीति तय करने के लिए 28 सितंबर को लखनऊ में पूरे देश के कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों को बुलाने का फैसला किया है। वहीं, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने प्रमोशन में आरक्षण को जायज बताते हुए इस सिलसिले में लोकसभा में लंबित विधेयक को पारित कराने के लिए 9 सितंबर से अभियान की घोषणा की है।

विरोध न करने वाले सांसदों व विधायकों को वोट नहीं
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की बुधवार को हुई बैठक के बाद अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि 28 सितंबर के सम्मेलन से पहले अगड़े व पिछड़े कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक सांसदों, विधायकों व पार्टी नेताओं का घेराव कर उनसे एससी-एसटी एक्ट और प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करने की मांग करेंगे। यह चेेतावनी भी देंगे कि केंद्र के इन दोनों फैसलों का उन्होंने अगर विरोध न किया तो अगड़ों व पिछड़ों का वोट उन्हें नहीं मिलेगा।

दुबे ने बताया कि  उधर, दिल्ली में भी इन दोनों ही मुद्दों परएम. नागराज की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 18 राज्यों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए। बैठक में पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने व एससी-एसटी एक्ट के विरोध में देशव्यापी संघर्ष का फैसला किया गया। बैठक में एचएन पांडेय. एसएस निरंजन, एके सिंह, अमर कुमार, रीना त्रिपाठी व राजीव श्रीवास्तव शामिल थे।

भाजपा बताए- क्या बिना जांच गिरफ्तारी सही

'bharat bandh' over SC/ST act
भारतीय नागरिक परिषद ने भी एससी-एसटी एक्ट के विरोध में बृहस्पतिवार को भारत बंद के समर्थन का एलान किया है। परिषद के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अग्निहोत्री और ट्रस्टी रमाकांत दुबे ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि किसी मामले में भाजपा क्या बिना जांच गिरफ्तारी को उचित मानती है। वहीं, क्षत्रिय कल्याण परिषद ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध में यहां इंदिरा भवन के सामने वीर बहादुर सिंह पार्क में शुरू हुए क्रमिक अनशन में पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह, पूर्व उद्यान निदेशक आरपी सिंह व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश सिंह शामिल हुए।

प्रमोशन में आरक्षण विधेयक पास कराने को अभियान
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बुधवार को यहां हुई बैठक में प्रमोशन में आरक्षण बहाली का विधेयक पारित कराने के लिए 9 सितंबर से जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया है। साथ ही सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम करने भी एलान किया।

समिति के संयोजक अवधेश वर्मा ने कहा कि संघर्ष समिति 9 सितंबर से सांसदों व विधायकों से ‘सहयोग मांगो’ अभियान चलाएगी। सितंबर के अंत में लखनऊ में कार्यक्रम करके सरकार को पदोन्नति में आरक्षण विधेयक पारित करने को मजबूर करने के लिए दबाव डाला जाएगा। बैठक में केबी राम, डॉ. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार व श्याम लाल ने हिस्सा लिया। 
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