मोदी को खूनी कहने वाले बेनी, अब कर रहे पछतावा
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लगता है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के होश ठिकाने आ गए हैं। कभी नरेंद्र मोदी को खूनी कहने वाले बेनी अब पछतावा कर रहे हैं।
बेनी प्रसाद वर्मा ने देश और राज्य में कांग्रेस की दुर्गति के बाद हार स्वीकार करते हुए कहा कि 'इस शर्मनाक हार के लिए हम ही जिम्मेदार हैं।'
गौरतलब है कि 16 मई को आए चुनाव परिणाम में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस प्रदेश में सिर्फ दो ही सीटें जीत सकी। जिसमें एक सीट अमेठी और दूसरी रायबरेली है। इन सीटों पर क्रमशः राहुल गांधी और सोनिया गांधी चुनावी मैदान में थे।
बेनी प्रसाद वर्मा गोंडा से पार्टी प्रत्याशी थे। बेनी को भाजपा के कीर्ति वर्धन सिंह ने भारी अंतर से हराया। वह चौथे स्थान पर रहे।
बयानों से रहे चर्चा में
बेनी चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और नरेंद्र मोदी पर हमले करने के कारण चर्चा में रहे।
उन्होंने अपने एक बयान में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को नौटंकी और उनके खास सिपहसालार अमित शाह को अपराधी कहा था।
बेनी ने कहा था कि मोदी पीएम पद के उम्मीदवार बन तो गए हैं लेकिन उनके पास भविष्य को लेकर कोई योजना नहीं है इसलिए वह यूपीए की अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना करते हैं।
बेनी ने भाजपा की सरकार बनने की संभावना से ही इनकार कर दिया था।
बेनी ने कांग्रेस को भी नहीं बख्शा
हालांकि ऐसा नहीं है कि बेनी ने विपक्षी होने के नाते सिर्फ भाजपा पर ही निशाना साधा हो, उन्होने अपनी ही पार्टी कांग्रेस को भी नहीं बख्शा।
उन्होने कहा था कि बाबरी मस्जिद और गोधरा कांड में शामिल आरोपियों को अब तक सजा नहीं मिली है, इसके लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार है।
उन्होंने सलाह दी थी कि अब इस गलती को सुधारते हुए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होना चाहिए और जल्द से जल्द से दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
मोदी को कहा था खूनी
बेनी प्रसाद वर्मा ने सबसे करारा हमला मोदी पर किया था। उन्होंने कहा था कि मोदी जब 18 साल के थे तब घर से खून कर के भागे थे।
हालांकि बाद में उन्होंने यह कहकर भी खुद का बचाव किया था कि उनके पास कोई सुबूत नहीं हैं और तर्क दिया कि मोदी कई साल से गुजरात के सीएम हैं और उन्होंने सारे सुबूत मिटा दिए होंगे।
अब लगता है कि चुनाव में हार के बाद उनके होश ठिकाने आ गए हैं।