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राहुल के फैसले पर उठी उंगली, कांग्रेस में बगावत?

Mon, 24 Feb 2014 09:07 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 24 Feb 2014 09:07 PM IST
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beni prasad verma raises question on rahul gandhi's decision

अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने अब राहुल गांधी के फैसले पर उंगली उठा दी है।

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लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, मतदान के जरिये लोकसभा प्रत्याशी चुनने की प्रक्रिया से टिकटों की नीलामी हो रही है और पैसे देकर वोटर खरीदे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देश भर की कुछ लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उसी क्षेत्र में मतदान के जरिये तय करने का फैसला किया है।

इसके तहत यूपी के दो लोस सीट अंबेडकरनगर व संतकबीरनगर में मतदान के जरिये प्रत्याशियों का चयन किया जा रहा है। बेनी सोमवार को राहुल के इसी प्रयोग के खिलाफ खुलकर सामने आ गए।

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कहा, कांग्रेस पार्टी में बहुत हैं मदारी

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राहुल गांधी के 28 फरवरी को बाराबंकी पहुंचने पर, वहां बेनी के मौजूद रहने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वहां पर उनका क्या काम है? वे बाराबंकी के सांसद भी नहीं हैं।

बेनी ने कहा ‌कि अगर राहुल गोंडा में आ रहे होते वे वहां जरूर रहते। बेनी ने कहा कि कांग्रेस उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। कांग्रेस बड़ी पार्टी है और इसमें मदारी भी बहुत हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 के चुनाव में उन्होंने यूपी से कांग्रेस की 30 सीटें जीतने की बात कही थी। अगर ठीक तरह से टिकट बंटा होता और प्रचार ढंग से होता तो इससे अधिक सीटें कांग्रेस जीतती। फिर भी कांग्रेस 22 सीटें जीती थी।

50 सीटें जीत सकती है कांग्रेस

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बेनी ने कहा कि इस बार जो हमारा रोडमैप है उसके अनुसार कांग्रेस 50 सीटें जीत सकती है। 20 वर्षों में कांग्रेस के लिए पहला ऐसा सुनहरा अवसर है, जब कांग्रेस यहां से इतनी अधिक सीटें जीत सकती हैं।

अगर कांग्रेस इस माहौल का फायदा नहीं उठा पाती है तो इससे बड़ी बेवकूफ पार्टी कोई नहीं होगी।

वहीं बेनी ने लोस चुनाव से पूर्व किए जा रहे सर्वे नकार दिया। उन्होंने कहा, अभी न तो अभी प्रत्याशी तय हुए हैं और न ही चुनाव प्रचार शुरू हुआ है। ऐसे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है।

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बेनी की पुरानी है आदत

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बेनी प्रसाद वर्मा की यह आदत काफी पुरानी है। यूपी की राजनीति में माना जाता है कि कुर्मी वोट पर बेनी की अच्छी पकड़ है, इसीलिए उनके बड़बोले बयानों के बावजूद यूपीए हाईकमान ने अब तक उन पर हंटर नहीं चलाया है।

बेनी ने कई बार पहले भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की खुलकर आलोचना की है। इसमें राहुल और सोनिया के कई करीबी नेता भी शामिल हैं।

कई बार तो ऐसा भी हुआ है, जब कांग्रेस पार्टी को बेनी के बेतुके बयानों की वजह से शर्मिंदा भी होना पड़ा है।

शायद यही वजह भी है कि बेनी प्रसाद वर्मा की गिनती भारतीय राजनीति के बयानवीरों में की जाती है।

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