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राहतः थाने हुए ऑनलाइन, अब 12 दिन में बन रहे पासपोर्ट
Mon, 09 Dec 2019 03:26 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 09 Dec 2019 03:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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वाहिदा खातून, राकेश, मो. अफजल समेत पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले कई लोगों ने अप्वॉइंटमेंट लेकर 26 नवंबर को लखनऊ पासपोर्ट सेवाकेंद्र पर दस्तावेज का सत्यापन कराकर पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पूरी की।
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ये आवेदक जल्दी पासपोर्ट बनवाने का जुगाड़ लगवा रहे थे कि इसी बीच पांच दिसंबर को अचानक उनके मोबाइल पर एसएमएस आया कि पुलिस सत्यापन रिपोर्ट पहुंच चुकी है। पुलिस रिपोर्ट पहुंचने के बाद दो दिन के अंदर पासपोर्ट बन कर डिस्पैच कर दिया जाता है।
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एमएप शुरू होने के बाद से थानों से पासपोर्ट की पुलिस सत्यापन रिपोर्ट ऑनलाइन आने लगी हैं। आवेदकों की 8 से 10 दिन में पुलिस सत्यापन रिपोर्ट आने के दो दिन के भीतर पासपोर्ट बनाकर डिस्पैच किया जा रहा है। जिस आवेदक की रिपोर्ट आठ दिन पर आती है तो उसका पासपोर्ट 10 दिन और जिसकी रिपोर्ट 10 दिन पर आती तो उसका पासपोर्ट 12 दिन में डिस्पैच हो रहा।
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लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय में हर माह लगभग 50 हजार पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं, जिसमें लखनऊ के 6000 से अधिक आवेदक शामिल हैं। इससे आवेदकों को अब न तो पुलिस थाना और न ही पासपोर्ट विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
तीन दिन में तत्काल पासपोर्ट
क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से तत्काल पासपोर्ट आवेदन के तीसरे दिन बनाकर डिस्पैच किए जा रहे हैं। तत्काल पासपोर्ट में पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट बाद में लगती है, लेकिन इसके लिए विदेश मंत्रालय की ओर से नामित लोगों से आवेदक को सत्यापन कराने के साथ ही प्रमाण पत्र फॉर्म में लगाना पड़ता है, जिसका विभाग की ओर से सत्यापन कराने के बाद पासपोर्ट बनता है।
21 दिन की रिपोर्ट 10 दिन में
विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट के आवेदन पर गृह विभाग को 21 दिन के भीतर पुलिस सत्यापन रिपोर्ट लगाकर भेजने का आदेश है। यानी पासपोर्ट विभाग संबंधित जिला पुलिस को पुलिस सत्यापन रिपोर्ट का प्रपत्र जिस दिन भेजते हैं उस दिन से 21 दिन के भीतर रिपोर्ट देने का प्रावधान है। जब से लखनऊ के थाना ऑनलाइन हुए, तब से पासपोर्ट विभाग को पुलिस सत्यापन की यह रिपोर्ट आठ से 10 दिन में मिल रही है।
21 दिन की रिपोर्ट 10 दिन में
विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट के आवेदन पर गृह विभाग को 21 दिन के भीतर पुलिस सत्यापन रिपोर्ट लगाकर भेजने का आदेश है। यानी पासपोर्ट विभाग संबंधित जिला पुलिस को पुलिस सत्यापन रिपोर्ट का प्रपत्र जिस दिन भेजते हैं उस दिन से 21 दिन के भीतर रिपोर्ट देने का प्रावधान है। जब से लखनऊ के थाना ऑनलाइन हुए, तब से पासपोर्ट विभाग को पुलिस सत्यापन की यह रिपोर्ट आठ से 10 दिन में मिल रही है।
जल्दी बन रहे पासपोर्ट
.. इसलिए आ रही रिपोर्ट जल्दी
थानों से पासपोर्ट के संबंध में आवेदकों की जल्द रिपोर्ट आने के दो कारण हैं। पहला 21 दिन के भीतर पुलिस रिपोर्ट देने से विदेश मंत्रालय के द्वारा गृह विभाग को प्रति रिपोर्ट 150 रुपये का शुल्क ट्रांसफर होता। पर, ये रिपोर्ट जब 21 दिन भेजते तो शुल्क की रकम 150 से घट करके 50 रुपये हो जाती। दूसरा पुलिस कप्तान लंबित पुलिस रिपोर्ट पर तलब न हो इसके लिए वह खुद भी सक्रिय हुए हैं।
जानिए, क्या है एमएप
पुलिस विभाग के एमएप के शुरू होने के बाद संबंधित दस्तावेज की जांच के लिए उनका आदान-प्रदान ऑनलाइन होने लगा है। अब तक प्रदेश के 27 जिलों में पुलिस थानों को ऑनलाइन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अक्तूबर में पुलिस सत्यापन के लिए एमएप की शुरुआत की। तब से आवेदकों के पासपोर्ट पहले से जल्दी बन कर डिस्पैच हो रहे हैं। आवेदकों को भी पुलिस रिपोर्ट लगवाने के लिए दौड़-भाग नहीं करनी पड़ रही है। -पीयूष वर्मा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, लखनऊ
थानों से पासपोर्ट के संबंध में आवेदकों की जल्द रिपोर्ट आने के दो कारण हैं। पहला 21 दिन के भीतर पुलिस रिपोर्ट देने से विदेश मंत्रालय के द्वारा गृह विभाग को प्रति रिपोर्ट 150 रुपये का शुल्क ट्रांसफर होता। पर, ये रिपोर्ट जब 21 दिन भेजते तो शुल्क की रकम 150 से घट करके 50 रुपये हो जाती। दूसरा पुलिस कप्तान लंबित पुलिस रिपोर्ट पर तलब न हो इसके लिए वह खुद भी सक्रिय हुए हैं।
जानिए, क्या है एमएप
पुलिस विभाग के एमएप के शुरू होने के बाद संबंधित दस्तावेज की जांच के लिए उनका आदान-प्रदान ऑनलाइन होने लगा है। अब तक प्रदेश के 27 जिलों में पुलिस थानों को ऑनलाइन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अक्तूबर में पुलिस सत्यापन के लिए एमएप की शुरुआत की। तब से आवेदकों के पासपोर्ट पहले से जल्दी बन कर डिस्पैच हो रहे हैं। आवेदकों को भी पुलिस रिपोर्ट लगवाने के लिए दौड़-भाग नहीं करनी पड़ रही है। -पीयूष वर्मा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, लखनऊ