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बीबीएयू : 18 अक्तूबर तक हुए दाखिले, अब दिसंबर में परीक्षा
Thu, 24 Oct 2024 03:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 24 Oct 2024 03:42 AM IST
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लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र अभी से बेपटरी नजर आने लगा है। यहां आधे अक्तूबर तक दाखिले हुए हैं और अब दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। विवि में खाली सीटों पर स्पॉट काउंसिलिंग के माध्यम से 18 अक्तूबर तक विद्यार्थियों के प्रवेश लिए गए हैं।
नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में लागू सेमेस्टर प्रणाली में किसी भी कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी को न्यूनतम 90 दिन कक्षाएं पढ़ाएं जाने का प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अक्तूबर तक दाखिले होंगे तो 90 दिन कक्षाएं सिर्फ कागजों पर ही होंगी। बीबीएयू की ओर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर 2024-25 में 15 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया को पूरा कर लेना है और इसके बाद कक्षाएं शुरू कर देनी हैं।
18 अक्तूबर तक मिड टर्म एग्जाम करवा लेने थे। 5 से 13 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न कर होनी है। तीन जनवरी तक परीक्षा परिणाम भी जारी कर देना है। वर्तमान परिस्थितियों में इसमें से कोई भी कार्य समय पर पूरा होता नहीं नजर आ रहा है। ऐसे में सत्र का पिछड़ना तय है।
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इन विषयों में स्पॉट काउंसिलिंग से हुए दाखिले
बीबीएयू ने जिन विषयों में अक्तूबर में दाखिले स्पॉट काउंसिलिंग से लिए गए हैं, उनमें एमएससी जूलॉजी, एमएससी लाइफसाइंस, एमए अर्थशास्त्र, एमए इतिहास, एमएड, बीएड, एमए एजुकेशन, एमए पत्रकारिता, एमए संस्कृत, एमए योगा आदि कोर्स शामिल हैं। इन सभी कोर्स में पर्याप्त दाखिले न होने के कारण स्पॉट काउंसिलिंग का सहारा लिया गया।
सीयूईटी बन रहा विलंब का कारण
विवि में सत्र पिछड़ने का जो सबसे बड़ा कारण है कॉमन यूनिवर्सिटी एडमिशन टेस्ट (सीयूईटी) का परीक्षा परिणाम। जब परीक्षा ही समय से नहीं संपन्न होंगी तो परिणाम भी देरी से जारी होगा। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया का बेपटरी होना तय है।
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नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में लागू सेमेस्टर प्रणाली में किसी भी कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी को न्यूनतम 90 दिन कक्षाएं पढ़ाएं जाने का प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अक्तूबर तक दाखिले होंगे तो 90 दिन कक्षाएं सिर्फ कागजों पर ही होंगी। बीबीएयू की ओर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर 2024-25 में 15 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया को पूरा कर लेना है और इसके बाद कक्षाएं शुरू कर देनी हैं।
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18 अक्तूबर तक मिड टर्म एग्जाम करवा लेने थे। 5 से 13 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न कर होनी है। तीन जनवरी तक परीक्षा परिणाम भी जारी कर देना है। वर्तमान परिस्थितियों में इसमें से कोई भी कार्य समय पर पूरा होता नहीं नजर आ रहा है। ऐसे में सत्र का पिछड़ना तय है।
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इन विषयों में स्पॉट काउंसिलिंग से हुए दाखिले
बीबीएयू ने जिन विषयों में अक्तूबर में दाखिले स्पॉट काउंसिलिंग से लिए गए हैं, उनमें एमएससी जूलॉजी, एमएससी लाइफसाइंस, एमए अर्थशास्त्र, एमए इतिहास, एमएड, बीएड, एमए एजुकेशन, एमए पत्रकारिता, एमए संस्कृत, एमए योगा आदि कोर्स शामिल हैं। इन सभी कोर्स में पर्याप्त दाखिले न होने के कारण स्पॉट काउंसिलिंग का सहारा लिया गया।
सीयूईटी बन रहा विलंब का कारण
विवि में सत्र पिछड़ने का जो सबसे बड़ा कारण है कॉमन यूनिवर्सिटी एडमिशन टेस्ट (सीयूईटी) का परीक्षा परिणाम। जब परीक्षा ही समय से नहीं संपन्न होंगी तो परिणाम भी देरी से जारी होगा। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया का बेपटरी होना तय है।