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बाराबंकी मस्जिद प्रकरण : आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Tue, 01 Jun 2021 08:28 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Jun 2021 08:28 AM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बाराबंकी में मस्जिद प्रकरण में एफआईआर रद्द किए जाने की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार को तीन हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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लखनऊ हाईकोर्ट
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बाराबंकी के रामसनेही घाट तहसील परिसर में स्थित मस्जिद प्रकरण में दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोपों के मामले में विवेचना पूरी होने तक अभियुक्तों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने एफआईआर रद्द किए जाने की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार को तीन हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि यह ताकीद किया कि आरोपी जांच में सहयोग करेंगे। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश आरोपियों मुश्ताक अली व अन्य की याचिका पर दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद नियत की गई है।
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याचियों की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किन दस्तावेजों में हेरफेर किया है। जबकि सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। पर, वह कोर्ट के इस सवाल का जवाब नहीं दे सके कि याचियों ने कौन से दस्तावेजों में हेरफेर की है। उन्होंने दलील दी कि विवेचना अभी चल रही है। इस पर कोर्ट ने उन्हें जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि रामसेनही घाट प्रशासन ने मस्जिद को अवैध बताते हुए 17 मई को गिरा दिया था। साथ ही इस मामले में याचियों के खिलाफ सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने की एफआईआर दर्ज की गई है।
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