बैंकों में होगा काम: 21 से 24 जनवरी की हड़ताल टली
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वेतन वृद्धि के मसले पर इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच सोमवार की बैठक में आंशिक सहमति बनी है।
वेतन वृद्धि के लिए आईबीए के आश्वासन और लचीले रवैए पर 21-24 जनवरी की हड़ताल को टालने का निर्णय लिया गया है। यूएफबीयू के अधिकारियों का कहना है कि अगर निर्णय नहीं हुआ तो फरवरी के अंतिम सप्ताह में यह चार दिन की हड़ताल प्रस्तावित रखी गई है।
यूएफबीयू के प्रदेश प्रवक्ता अनिल तिवारी ने बताया कि देर शाम तक मुंबई में दोनों पक्षों के बीच बैठक जारी रही। यूएफबीयू ने अपनी तरफ से काफी नरम रूख अपनाया था और 29.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा।
शुरू में आईबीए अपना अड़ियल रवैया बनाए रहा और 12.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की बात कही। देर शाम आईबीए ने यूएफबीयू को देशव्यापी हड़ताल स्थिगित करने को कहा।
आईबीए ने दिया आश्वासन
इसके बदले में आईबीए ने मांग के मुताबिक उचित वेतन वृद्धि करने का आश्वासन दिया। यूएफबीयू के मुंबई स्थित पदाधिकारियों ने आईबीए के रवैए को देखते हुए चार दिन की इस हड़ताल को अभी टालने का निर्णय लिया है।
इस हड़ताल को फरवरी के अंतिम सप्ताह में करने के लिए प्रस्तावित किया गया है, अगर वेतन वृद्धि पर कोई निर्णय नहीं हो सका। 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पहले से ही प्रस्तावित है।
यूएफबीयू के इस निर्णय के बाद लखनऊ की 800 बैंक ब्रांच सहित यूपी के करीब 6500 ब्रांच में काम बंदी का खतरा टल गया है। इस हड़ताल की वजह से बैंकों में सीधे छह दिन के लिए काम बंद हो रहा था।
इससे ग्राहकों को बड़ी समस्या हो सकती थी। देर रात निर्णय के बाद बृहस्पतिवार शाम को होने वाले प्रदर्शन को भी टाल दिया गया है जोकि हजरतगंज स्थित इलाहाबाद बैंक के मुख्यालय पर होना था।