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Lucknow News: बैंक स्टाफ ने डिजिटल अरेस्ट हुए ग्राहक को 90 लाख की ठगी से बचाया
Fri, 27 Dec 2024 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 27 Dec 2024 01:57 AM IST
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बैंक स्टाफ ने डिजिटल अरेस्ट हुए ग्राहक को 90 लाख की ठगी से बचाया
लखनऊ। भारतीय स्टेट बैंक (एसीबीआई) की एक शाखा के प्रबंधक और स्टाफ की सूझबूझ ने डिजिटल अरेस्ट हुए ग्राहक को बड़ी ठगी से बचा लिया। जालसाज 90 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
बैंक के खाताधारक ने लखनऊ की शाखा से संपर्क कर बताया कि वह अपने साथ चेक बुक नहीं लाए हैं। इसलिए लूज चेक जारी करके या डेबिट वाउचर का उपयोग करके आरटीजीएस से दस लाख किसी को भेजना चाहते हैं। बातचीत के दौरान, वह लगातार वीडियो कॉल पर थे और तनाव में दिख रहे थे। शाखा प्रबंधक को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने बातचीत कर रुपये ट्रांसफर करने की वजह पूछी तो ग्राहक ने कोई जानकारी नहीं दी। कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि 10 की जगह 40 लाख रुपये आरटीजीएस करने हैं। इस पर शाखा प्रबंधक ने चेक बुक लेकर आने के लिए कहा।
इस दौरान शाखा प्रबंधक को ग्राहक के बेटे की कॉल आई। उसने बताया कि पिता को जालसाज ने दिल्ली का डीसीपी बनाकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए अलग-अलग खातों में 90 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा है। इस तरह से शाखा स्टाफ की सूझबूझ व सतर्कता से ग्राहक को साइबर ठगी का शिकार होने से बचाया गया।
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बैंक के खाताधारक ने लखनऊ की शाखा से संपर्क कर बताया कि वह अपने साथ चेक बुक नहीं लाए हैं। इसलिए लूज चेक जारी करके या डेबिट वाउचर का उपयोग करके आरटीजीएस से दस लाख किसी को भेजना चाहते हैं। बातचीत के दौरान, वह लगातार वीडियो कॉल पर थे और तनाव में दिख रहे थे। शाखा प्रबंधक को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने बातचीत कर रुपये ट्रांसफर करने की वजह पूछी तो ग्राहक ने कोई जानकारी नहीं दी। कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि 10 की जगह 40 लाख रुपये आरटीजीएस करने हैं। इस पर शाखा प्रबंधक ने चेक बुक लेकर आने के लिए कहा।
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इस दौरान शाखा प्रबंधक को ग्राहक के बेटे की कॉल आई। उसने बताया कि पिता को जालसाज ने दिल्ली का डीसीपी बनाकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए अलग-अलग खातों में 90 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा है। इस तरह से शाखा स्टाफ की सूझबूझ व सतर्कता से ग्राहक को साइबर ठगी का शिकार होने से बचाया गया।
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