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बैंक मैनेजर ने दो करोड़ की बंधक संपत्ति बेची, दो पर मुकदमा
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बैंक मैनेजर ने दो करोड़ की गिरवी संपत्ति बेची
मड़ियांव के यूनियन बैंक के मैनेजर का बड़ा घपला सामने आया है। कुशीनगर के व्यापारी ने प्रबंधक पर दो करोड़ रुपये की गिरवी संपत्ति बेचने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर बैंक मैनेजर सुभाष नीमवाल और उसके दोस्त के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है।
कुशीनगर के कसया निवासी शैलेश जायसवाल धर्मकांटा चलाते हैं। उनकी दोस्ती बैंक प्रबंधक सुभाष नीमवाल से थी। कुछ समय पहले प्रबंधक ने शैलेश से दोस्त ललित की मुलाकात कराई।
बातचीत में सामने आया कि ललित नील कम्युनिकेशन के नाम से फर्म चलाता है, जिसमें अच्छा मुनाफा हो रहा है। इस पर सुभाष ने शैलेश से कहा कि कारोबार बढ़ाने के लिए ललित को 25 लाख रुपये चाहिए।
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रुपये दे दो, वह तीन महीने में लौटा देगा। अगर रुपये नहीं देगा तो देनदारी मेरी होगी। गारंटी के तौर पर सुभाष ने ललित का चेक दिलाया।
सुभाष ने रकम देने के लिए ललित को 13 जून 2016 को भिठौली तिराहा स्थित रेस्टोरेंट के पास बुलाया। वहां पहुंचने के बाद 10 लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किया।
काफी समय बाद भी शैलेश को रकम नहीं मिली। एक दिन दोनों उसके पास आए और प्रस्ताव दिया कि गुड़गांव में ललित की प्रॉपर्टी उसे सस्ते दाम पर दे देगा। साथ ही 25 लाख रुपये भी इसमें समायोजित कर लिए जाएंगे।
दो करोड़ में सौदा तय कर कराई रजिस्ट्री
शैलेश का आरोप है कि दोनों ने प्रॉपर्टी की कीमत दो करोड़ रुपये लगाई। 20 अगस्त 2017 को ललित ने इसकी रजिस्ट्री भी उसके नाम कर दी। बाद में पता चला कि प्रॉपर्टी यूनियन बैंक (जिसमें सुभाष नीमवाल प्रबंधक हैं) वहां गिरवी रखी है। शैलेश ने इसकी जानकारी होने पर सुभाष से शिकायत की। कहा कि आपके बैंक में गिरवी रखी संपत्ति को गलत तरीके से बैनामा करा दिया है। इस पर सुभाष ने अपनी गलती मानी और उसे 35 लाख रुपये का चेक दिया। साथ ही बोला कि यह पहली पेमेंट है। बाकी धीरे-धीरे किस्तों में लौटा दूंगा। कहीं शिकायत करने की जरूरत नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि दो करोड़ रुपये लेने के बाद सुभाष नीमवाल, मोहनलाल व नीरज सेन ने आपराधिक साजिश के तहत कूटरचना कर फर्जी तरीके से बंधक संपत्ति को बैनामा किया। प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव विपिन कुमार सिंह के मुताबिक पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर सुभाष नीमवाल और ललित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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मड़ियांव के यूनियन बैंक के मैनेजर का बड़ा घपला सामने आया है। कुशीनगर के व्यापारी ने प्रबंधक पर दो करोड़ रुपये की गिरवी संपत्ति बेचने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर बैंक मैनेजर सुभाष नीमवाल और उसके दोस्त के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है।
कुशीनगर के कसया निवासी शैलेश जायसवाल धर्मकांटा चलाते हैं। उनकी दोस्ती बैंक प्रबंधक सुभाष नीमवाल से थी। कुछ समय पहले प्रबंधक ने शैलेश से दोस्त ललित की मुलाकात कराई।
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बातचीत में सामने आया कि ललित नील कम्युनिकेशन के नाम से फर्म चलाता है, जिसमें अच्छा मुनाफा हो रहा है। इस पर सुभाष ने शैलेश से कहा कि कारोबार बढ़ाने के लिए ललित को 25 लाख रुपये चाहिए।
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रुपये दे दो, वह तीन महीने में लौटा देगा। अगर रुपये नहीं देगा तो देनदारी मेरी होगी। गारंटी के तौर पर सुभाष ने ललित का चेक दिलाया।
सुभाष ने रकम देने के लिए ललित को 13 जून 2016 को भिठौली तिराहा स्थित रेस्टोरेंट के पास बुलाया। वहां पहुंचने के बाद 10 लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किया।
काफी समय बाद भी शैलेश को रकम नहीं मिली। एक दिन दोनों उसके पास आए और प्रस्ताव दिया कि गुड़गांव में ललित की प्रॉपर्टी उसे सस्ते दाम पर दे देगा। साथ ही 25 लाख रुपये भी इसमें समायोजित कर लिए जाएंगे।
दो करोड़ में सौदा तय कर कराई रजिस्ट्री
शैलेश का आरोप है कि दोनों ने प्रॉपर्टी की कीमत दो करोड़ रुपये लगाई। 20 अगस्त 2017 को ललित ने इसकी रजिस्ट्री भी उसके नाम कर दी। बाद में पता चला कि प्रॉपर्टी यूनियन बैंक (जिसमें सुभाष नीमवाल प्रबंधक हैं) वहां गिरवी रखी है। शैलेश ने इसकी जानकारी होने पर सुभाष से शिकायत की। कहा कि आपके बैंक में गिरवी रखी संपत्ति को गलत तरीके से बैनामा करा दिया है। इस पर सुभाष ने अपनी गलती मानी और उसे 35 लाख रुपये का चेक दिया। साथ ही बोला कि यह पहली पेमेंट है। बाकी धीरे-धीरे किस्तों में लौटा दूंगा। कहीं शिकायत करने की जरूरत नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि दो करोड़ रुपये लेने के बाद सुभाष नीमवाल, मोहनलाल व नीरज सेन ने आपराधिक साजिश के तहत कूटरचना कर फर्जी तरीके से बंधक संपत्ति को बैनामा किया। प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव विपिन कुमार सिंह के मुताबिक पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर सुभाष नीमवाल और ललित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।