{"_id":"607c89cb8ebc3e245b1b44ef","slug":"bank-employees-draft-16-lakhe-rupees-from-account-holders-lucknow-news-lko574794086","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक कर्मचारियों ने खाताधारकों के खाते से उड़ाए 16 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक कर्मचारियों ने खाताधारकों के खाते से उड़ाए 16 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। इंडियन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा कर कई खाताधारकों के लाखों रुपये साफ कर दिए। जानकारी होने पर विभागीय जांच शुरू हुई जिसमें कई कर्मचारी दोषी पाए गए। बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व कार्यकारी सचिव विनय भूटानी की तहरीर पर गोमती नगर थाने में पांच के खिलाफ कूटरचना, जालसाजी और ग्राहकों के खातों से रुपये उड़ाने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
मुख्य कार्यकारी विनय भूटानी की तहरीर के मुताबिक, इंडियन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के अरुण चौबे, पूरन सिंह नेगी, आलोक पांडेय, आईटी प्रभारी मो. इरफान और हरीश कुमार ने जालसाजी की। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर 15 इनअनरेटिव खातों को ऑपरेटिव कर दिया। खाताधारकों के नाम से फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जिनके आधार पर चेक जारी कराए। इन्हीं चेक के जरिए मोटी रकम भरकर अलीगंज के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के हरीश कुमार नाम के खाताधारक के खाते में 16 लाख 93 हजार रुपये की सीटीएस क्लीयरिंग जमा करा दी।
फर्जी तरीके से जारी कराए थे 14 चेक बुक
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक, गोमती नगर शाखा के अधिकारी और अरुण चौबे, पूरन सिंह नेगी द्वारा इन खातों को ऑपरेट किया जाना था। इन सभी ने कैश क्रेडिट के सौ-सौ पन्ने के चार चेक बुक और टेंट शाखा के 25-25 पन्ने के 10 चेक बुक गायब कर दिए। ये चेक पूरन सिंह नेगी और आलोक पांडेय की कस्टडी में थे। विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। वहीं इन जालसाजों द्वारा कई खाताधारकों के पहचान पत्र में भी छेड़छाड़ की गई।
विज्ञापन
फर्जी हस्ताक्षर नहीं बना सके तो किया स्कैन
आरोप है कि इस जालसाजी में आईटी अधिकारी मो. इरफान ने अहम भूमिका निभाई। उसके सहयोग से कई खाताधारकों के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए। कुछ खाताधारकों के हस्ताक्षर नहीं कर सके तो ऐसे खातों के स्पेसीमेन कार्ड इमेज में अंकित नाम के कालम को ही स्कैन कर अपलोड कर लिया ताकि आसानी से खातों से रकम निकाली जाए। आरोप है कि इन जालसाज बैंक कर्मियों ने अलीगंज के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में हरीश कुमार के नाम से फर्जी खाता खोला और उड़ाई गई रकम को उसी में जमा कराया गया। प्रभारी निरीक्षक केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय भूटानी की तहरीर पर हरीश कुमार, पूरन सिंह नेगी, अरुण चौबे, आलोक पांडेय और मो. इरफान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मुख्य कार्यकारी विनय भूटानी की तहरीर के मुताबिक, इंडियन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के अरुण चौबे, पूरन सिंह नेगी, आलोक पांडेय, आईटी प्रभारी मो. इरफान और हरीश कुमार ने जालसाजी की। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर 15 इनअनरेटिव खातों को ऑपरेटिव कर दिया। खाताधारकों के नाम से फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जिनके आधार पर चेक जारी कराए। इन्हीं चेक के जरिए मोटी रकम भरकर अलीगंज के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के हरीश कुमार नाम के खाताधारक के खाते में 16 लाख 93 हजार रुपये की सीटीएस क्लीयरिंग जमा करा दी।
विज्ञापन
फर्जी तरीके से जारी कराए थे 14 चेक बुक
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक, गोमती नगर शाखा के अधिकारी और अरुण चौबे, पूरन सिंह नेगी द्वारा इन खातों को ऑपरेट किया जाना था। इन सभी ने कैश क्रेडिट के सौ-सौ पन्ने के चार चेक बुक और टेंट शाखा के 25-25 पन्ने के 10 चेक बुक गायब कर दिए। ये चेक पूरन सिंह नेगी और आलोक पांडेय की कस्टडी में थे। विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। वहीं इन जालसाजों द्वारा कई खाताधारकों के पहचान पत्र में भी छेड़छाड़ की गई।
विज्ञापन
फर्जी हस्ताक्षर नहीं बना सके तो किया स्कैन
आरोप है कि इस जालसाजी में आईटी अधिकारी मो. इरफान ने अहम भूमिका निभाई। उसके सहयोग से कई खाताधारकों के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए। कुछ खाताधारकों के हस्ताक्षर नहीं कर सके तो ऐसे खातों के स्पेसीमेन कार्ड इमेज में अंकित नाम के कालम को ही स्कैन कर अपलोड कर लिया ताकि आसानी से खातों से रकम निकाली जाए। आरोप है कि इन जालसाज बैंक कर्मियों ने अलीगंज के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में हरीश कुमार के नाम से फर्जी खाता खोला और उड़ाई गई रकम को उसी में जमा कराया गया। प्रभारी निरीक्षक केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय भूटानी की तहरीर पर हरीश कुमार, पूरन सिंह नेगी, अरुण चौबे, आलोक पांडेय और मो. इरफान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।