{"_id":"66684a083daaf3aade014e1a","slug":"balrampur-sit-will-investigate-case-of-a-dalit-man-self-immolation-2024-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur: दलित युवक के आत्मदाह मामले की जांच करेगी एसआईटी, जमीन कब्जाने का है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur: दलित युवक के आत्मदाह मामले की जांच करेगी एसआईटी, जमीन कब्जाने का है मामला
Tue, 11 Jun 2024 06:28 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 11 Jun 2024 06:28 PM IST
सार
जमीन कब्जा होने से झुब्ध युवक राम बुझारत ने फेसबुक पर लाइव आकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच एसआईटी से करवाई जाएगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलरामपुर जिले के हाईप्रोफाइल दलित राम बुझारत आत्मदाह मामले में निष्पक्ष जांच के लिए शासन ने विशेष जांच टीम गठित कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर गृह विभाग की ओर से गठित की गई एसआईटी में अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे जय नारायण सिंह व अपर आयुक्त देवीपाटन राम प्रकाश को शामिल किया है। विशेष सचिव गृह विवेक ने आदेश जारी कर पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि निष्पक्ष जांच के लिए मामले से जुड़ी सभी पत्रावलियां एसआईटी को उपलब्ध कराई जाएं।
विज्ञापन
साल 2023 में 24 अक्टूबर को गैड़ास बुजुर्ग थाने के सामने एक निजी भूमि पर रातोंरात पिलर लगाकर कब्जा किया गया था। जानकारी होने पर राम बुझारत ने थाने में शिकायत की तो उसे थाने में ही रोक लिया गया। इसके बाद भूमि कब्जा होने से आहत होकर राम बुझारत फेसबुक पर लाइव आया और आत्मदाह कर लिया। उस समय उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां 30 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। युवक की मौत मामले की एफआईआर भी गैड़ास बुजुर्ग थाने में दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस पर गंभीर आरोप उसकी पत्नी कुसुमा ने लगाया और एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की।
विज्ञापन
उन्होंने पति के मौत मामले की जांच में पुलिस की कार्रवाई पर संदेह जताया था। बताया जा रहा है कि मामले की विवेचना भी बहराइच जनपद ट्रांसफर कर दी गई थी। जिसकी खासी चर्चा थी और जांच में लीपापोती की आशंका पीड़िता ने जताई थी।
विज्ञापन
पूरे मामले में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की ओर से शपथ पत्र के माध्यम से घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने जांच एसआईटी से कराने का आदेश दिया था जिस पर कार्रवाई करते हुए शासन ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू करा दी है।